उदयपुर। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उदयपुर के श्वसन रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. ऋषि कुमार शर्मा ने ब्रोंकोकॉन पुणे 2026 में आयोजित "ब्रोंकोस्कोपी इन ट्यूबरकुलोसिस" विषय पर विशेषज्ञ पैनल चर्चा में आमंत्रित पैनलिस्ट के रूप में सहभागिता कर संस्थान का गौरव बढ़ाया।
देशभर के अग्रणी श्वसन रोग विशेषज्ञों की उपस्थिति में आयोजित इस वैज्ञानिक पैनल चर्चा में संदिग्ध क्षय रोग (टीबी) के मरीजों के मूल्यांकन एवं निदान में ब्रोंकोस्कोपी की बढ़ती भूमिका पर गहन मंथन किया गया। विशेष रूप से ऐसे मामलों पर चर्चा हुई, जिनमें सामान्य जांचों के बावजूद रोग का स्पष्ट निदान संभव नहीं हो पाता। विशेषज्ञों ने आधुनिक ब्रोंकोस्कोपी तकनीकों के माध्यम से टीबी के सटीक, त्वरित एवं प्रभावी निदान के विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए।
पैनल चर्चा के दौरान डॉ. ऋषि कुमार शर्मा ने कहा कि ब्रोंकोस्कोपी संदिग्ध टीबी मरीजों के शीघ्र एवं सटीक निदान के लिए अत्यंत प्रभावी तकनीक है। इसके माध्यम से न केवल रोग की समय पर पहचान संभव होती है, बल्कि टीबी के कारण उत्पन्न होने वाली जटिल एवं गंभीर वायुमार्ग संबंधी समस्याओं के उपचार में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने बताया कि समय पर ब्रोंकोस्कोपी किए जाने से मरीजों का उचित उपचार जल्द शुरू किया जा सकता है, जिससे उनके शीघ्र स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है। कई जटिल परिस्थितियों में यह प्रक्रिया जीवनरक्षक भी सिद्ध होती है।
ब्रोंकोकॉन पुणे 2026 में विशेषज्ञ पैनलिस्ट के रूप में डॉ. ऋषि कुमार शर्मा की सहभागिता गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान गतिविधियों तथा श्वसन रोगों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती विशेषज्ञता और प्रतिष्ठा का प्रमाण है।