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ग्लो एंड ग्रो: एसपीएसयू में कैंडल क्राफ्ट कार्यशाला

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02 Apr 26
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ग्लो एंड ग्रो: एसपीएसयू में कैंडल क्राफ्ट कार्यशाला

2 अप्रैल 2026 को सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (SPSU), उदयपुर में “ग्लो एंड ग्रो: कैंडल क्राफ्ट वर्कशॉप” - एक रोचक और रचनात्मक कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विश्वविद्यालय की प्रमुख पहल प्रेरणा (PRERNA) के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में समग्र विकास, सृजनात्मकता और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना है।


इस अवसर पर माननीय अध्यक्ष डॉ. संजय सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनकी प्रेरणा से प्रारंभ की गई प्रेरणा (PRERNA) पहल निरंतर अनुभवात्मक अधिगम और जीवन कौशल के समन्वय को बढ़ावा दे रही है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित श्रीमती संध्या सिन्हा ने विद्यार्थियों को सृजनात्मकता को अपनाने और अपनी आंतरिक क्षमताओं को पहचानने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला का संचालन सुश्री वंदना वर्मा द्वारा किया गया, जो एक सफल महिला उद्यमी हैं और माही तत्व नामक स्व-वित्तपोषित पहल की प्रेरक शक्ति हैं, जो सतत और हस्तनिर्मित उत्पादों को बढ़ावा देती है। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को मोमबत्ती निर्माण की कला और विज्ञान से परिचित कराया गया, जिसमें मोल्डिंग, सुगंध मिश्रण और सौंदर्यात्मक डिजाइन की तकनीकों को शामिल किया गया।

प्रतिभागियों ने अत्यंत उत्साह के साथ इस प्रायोगिक सत्र में भाग लिया और अपनी स्वयं की अनुकूलित मोमबत्तियाँ तैयार कीं। साथ ही उन्होंने पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं और सृजनात्मक कौशल को उद्यमिता में बदलने की संभावनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। यह कार्यशाला न केवल उनकी कलात्मक अभिव्यक्ति को सशक्त बनाने में सहायक रही, बल्कि प्रेरणा (PRERNA) के नवाचार, सतत विकास और आत्मनिर्भरता के उद्देश्यों के अनुरूप भी रही।

इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को उनके मार्गदर्शकों के साथ प्रेरणा (PRERNA) परियोजना 2024-25 के सफल समापन पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

कार्यशाला का समन्वयन ‘प्रेरणा’ समन्वयकों डॉ. शिबानी बनर्जी एवं डॉ. श्वेता लालवानी द्वारा किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय की अनुभवात्मक शिक्षा और विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं आजीविका उन्मुख कौशल प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यशाला का समापन अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जिसने विद्यार्थियों को सृजनात्मक गतिविधियों और उद्यमशीलता के नए आयामों को अपनाने के लिए प्रेरित किया—जो वास्तव में ‘प्रेरणा ‘ की भावना को साकार करता है।


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