उदयपुर। सर्व समाज को सही राह पर चलने की प्रेरणा देने वाले साधु सन्तों में पोरवाल समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इसी कड़ी में आज उदयपुर पोरवाल समाज ने समाज की बेटी की बेटी रविशा जैन इति (राजनगर वाले) का व उनके संासारिक परिवाजनों का कोलपोल स्थित पोरवाल नोहरे में भव्य बहुमान किया गया। इस अवसर पर रविशा को बधाई देने पूरा समाज उमड़ पड़ा।
इससे पूर्व दीक्षार्थी रविशा जैन (राजनगर वाले)का प्रातः साढ़े नौ बजे हाथीपोल स्थित जैन धर्मशाला से वरघोड़ा निकाला गया। वरघोड़ा 5 घोड़े, निति नवयुवक मण्डल एवं अग्रसेन बैण्ड एवं बग्गी से सुसज्ज्ति था,जो हाथीपोल, हरबेनजी का खुर्रा,मोती चैहट्टा,घण्टाघर,बड़ाबाजार होते हुए दीक्षार्थी के जयकारांे के साथ पोरवालों के नोहरे में पंहुचा। जहां युवा प्रकोष्ठ के सदस्यों ने मुमुक्षु रविशा को पालकी में बिठाकर जयकारों के साथ मंच पर लायें। वहंा पर महिलाओं ने फूल व अक्षत बरसा कर मुमुक्षु रविशा का स्वागत किया। समारोह में अतिथि के रूप में महावीर युवा मंच के अध्यक्ष प्रमोद सामर, चेम्बर आॅफ काॅमर्स उदयपुर के डिविजन के अध्यक्ष पारस सिंघवी,श्वेताम्बर महासभा के अध्यक्ष कुलदीप नाहर,पूर्व पार्षद राकेश जैन,आलोक पगारिया, हिम्मत बड़ाला,अतुल चण्डालिया,समाज के संरक्षक डाॅ. कीर्ति जैन मौजूद थे। कार्यक्रम में समाज की ओर से मुमुक्षु रविशा के दादाजी, दादी मनोरमा देवी, पिता अशोक राजनगर वाले, माता कविता,चाचा,चाची, भाई का बहुमान किया गया।
इस अवसर मुमुक्षु रविशा ने कहा कि गुरू के सानिध्य में गुरूकुलवास में मेरे लिये अविस्मरणीय रहा। वहंा रहकर मैने प्रभु भक्ति सीखी। उन्होंने कहा कि धर्म एक आनन्द है। इसमें जितनी गहराई में हम जाते रहेंगे,उतना की हमें आनन्द आयेगा।
पोरवाल समाज के अध्यक्ष अजय पोरवाल ने अतिथियों स्वागत करते हुए कहा कि विगत 7 वर्षो मंे पोरवाल समाज की यह 5 वीं दीक्षा है। समाज के उत्थान के लिये निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। समारोह में आर्थिक सहयोग करने वाले भामाशाहों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
समारोह में बोलते हुए प्रमोद सामर ने कहा कि पोरवाल समाज की यह दीक्षा हमें धरोहर के रूप में प्राप्त हुई है। इससे पोरवाल समाज ही नहंी वरन् पूरा जैन समाज गौरवान्वित हुआ है। पारस सिंघवी ने कहा कि इस कलियुग में वैराग्य पथ की ओर अग्रसर होना कोई मामूली घटना नहीं है। इस मार्ग पर अग्रसर होना बहुत कठिन कार्य है। आलोक पगारिया दीक्षार्थी का अभिनन्दन करते हुए हमें नाज है,बहुमान करना एक अच्छा रिवाज है। समारोह को कुलदीप नाहर व अतुल चण्डालिया ने भी संबोधित किया।
आगामी 8 फरवरी को मुबई के बोरीवली में होने वाले तिलक समुदाय के दीक्षा समारोह में विजय योग तिलकसुरी महाराज द्वारा दीक्षा ग्रहण कर साध्वी बनेगी। इसी दिन 62 अन्य दीक्षार्थी भी दीक्षा ग्रहण करेंगे।
समाज की ओर से मुमुक्षु रविशा को दिये गये बहुमान पत्र का वाचन प्रवीण पोरवाल ने किया। तत्पश्चात सभी अतिथियो ंव समाज के पदाधिकारियों ने रविशा को बहुमान पत्र भेंट किया। इस अवसर पर महिला प्रकोष्ठ की सदस्याओं ने बहुमान स्वरूप रविशा पर अक्षत की वर्षा कर बधाई दी। कार्यक्रम में आर्थिक सहयोग करने वाले भामाशाहों का तिलक,उपरना, पगड़ी एवं शाॅल से बहुमान किया गया। कार्यक्रम के सन्दर्भ मंे पंजाब के राज्यपाल एवं चण्डीगढ़ के प्रशासक गुलाब चन्द कटारिया एवं राज्य के सहकारिता मंत्री गौतम दक का भी संदेश प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम संयोजक यशवन्त जैन ने बताया कि 28 वर्षीय रविशा का जन्म 10 अगस्त 1997 में अशोक-कविता पोरवाल के घर अहमदाबाद में हुआ। उन्होंने एम.ए.अग्रेंजी लिटेªचर करने के बाद बैंगलोर से इंटीरियर डिजाईन का कोर्स कर जाॅब भी की। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री राकेश पोरवाल वासवाला ने किया। प्रारम्भ में महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सुमन डामर व सदस्याओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।