उदयपुर। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पांचवें चरण के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों के संबंध में बुधवार को नगर निगम सभागार में संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ।
संवाद का उद्देश्य परियोजना की जानकारी साझा करना, क्रियान्वयन की रूपरेखा पर चर्चा करना तथा जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न हितधारकों से सुझाव प्राप्त करना रहा।
संवाद कार्यक्रम में परियोजना नगर प्रभारी अनिल पाटीदार ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए प्रस्तावित कार्यों, उनके उद्देश्यों तथा शहर को मिलने वाले दीर्घकालिक लाभों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से प्रदेश के 84 शहरों में आरयूआईडीपी के पांचवे चरण के तहत लगभग 9 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न आधारभूत विकास कार्य प्रारंभ करने की तैयारी कर रही है।उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत अपशिष्ट जल प्रबंधन, शोधन एवं पुनः उपयोग, बाढ़ प्रबंधन एवं ड्रेनेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी गतिशीलता, विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास तथा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरों को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल एवं सतत बनाना है, जिससे विकसित राजस्थान-2047 एवं विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान मिल सके।शहर में होंगे 272 करोड़ से अधिक के कार्यपाटीदार ने बताया कि उदयपुर शहर में आरयूआईडीपी के पांचवें चरण के अंतर्गत 272 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
इनमें वेस्ट वाटर मैनेजमेंट पर लगभग 103 करोड़ रुपये, बाढ़ प्रबंधन पर 21 करोड़ रुपये, विरासत एवं पर्यटन विकास पर 29 करोड़ रुपये तथा शहरी यातायात सुधार के लिए 118 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान शहर में प्रस्तावित परियोजनाओं पर जनप्रतिनिधियों एवं हितधारकों ने अपने सुझाव देते हुए परियोजनाओं के लिए व्यावहारिक एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप डीपीआर तैयार करने, सीवरेज कार्यों के निष्पादन में विशेष सावधानी बरतने, आवश्यकतानुसार पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने तथा बाढ़ नियंत्रण सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर बल दिया।इस दौरान नगर निगम के निवर्तमान उपमहापौर पारस सिंघवी, उदयपुर विकास प्राधिकरण के तकनीकी निदेशक संजीव शर्मा, नगर निगम के अधीक्षण अभियंता मनीष अरोड़ा, अधिशासी अभियंता महेन्द्र समधानी सहित विभिन्न वार्डों के निवर्तमान पार्षद एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।