बीकानेर। बीकानेर रेल मंडल के हरियाणा में पड़ने वाले अनेक रेलवे ट्रैक के किनारे खड़े घने पेड़ कभी यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकते है। रेल प्रशासन को हरियाणा का वन विभाग इनकी छंटाई की अनुमति नहीं दे रहा है, जिसकी वजह से कभी कोई भी बड़ी घटना घट सकती है।
पिछले अनेक वर्षों के दौरान तेज आंधी, तूफान के आने से पेड़ों के टूटकर रेल ट्रैक पर गिर जाने से अनेक बार रेल यातायात प्रभावित हुए है। सोमवार को भी नांगल मूंदी-रेवाड़ी व नांगल मूंदी-डहीना जैनाबाद खंड में रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से रेल संचालन प्रभावित होने की खबर मिली। मंडल के नांगल मूंदी-रेवाड़ी व नांगल मूंदी-डहीना जैनाबाद खंड में रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से रेल संचालन प्रभावित हुआ है। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है। देर रात्रि हरियाणा राज्य के रेवाड़ी-नांगल मूंदी व डहीना जैनाबाद क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएँ सामने आई हैं। इन घटनाओं के कारण लगभग 2 घंटे तक रेल संचालन बाधित रहा और यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया।
घटना के दौरान कुल 18 पेड़ रेलवे ट्रैक के किनारे और समीपवर्ती क्षेत्रों में गिर गए, जिससे ओएचसी तार क्षतिग्रस्त हो गए तथा रेल यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। परिणामस्वरूप ट्रेनों की आवाजाही में विलंब हुआ और परिचालन व्यवस्था बाधित रही। बीकानेर रेल मंडल के रेवाड़ी-नांगल मूँदी व नांगल मूँदी-डहीना जैनाबाद खंड में ट्रैक के पास पेड़ सघन हैं जो कि आँधी. तूफान के मौसम में टूटकर ट्रैक पर गिर जाते हैं, जिससे रेल यातायात बाधित होता है। साथ ही यात्रियों को भी चोट लगने का अंदेशा बना रहता है।
एलसी-76 के पास भी पेड़ रेलवे ट्रैक पर गिरा
रेलवे प्रशासन द्वारा समय-समय पर वन विभाग से ट्रैक के किनारे स्थित बाधक पेड़ों की कटाई हेतु अनुमति का अनुरोध किया जाता रहा है, किन्तु समय पर अनुमति न मिलने के कारण इस प्रकार की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं।
रेलवे प्रशासन ने पुनः वन विभाग से आग्रह किया है कि रेलवे ट्रैक के समानांतर स्थित खतरनाक एवं बाधा उत्पन्न करने वाले पेड़ों की शीघ्र कटाई हेतु आवश्यक अनुमति प्रदान की जाएए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके और रेल संचालन को सुरक्षित एवं सुचारू बनाया जा सके। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अतः इस दिशा में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है।