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“हम जीवन भर ईश्वर की आज्ञाओं का पालन करना जारी रखेंगे और इन्हें कभी नहीं छोड़ेंगेः आचार्य आशीष दर्शनाचार्य”

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13 May 26
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“हम जीवन भर ईश्वर की आज्ञाओं का पालन करना जारी रखेंगे और इन्हें कभी नहीं छोड़ेंगेः आचार्य आशीष दर्शनाचार्य”

     वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून का 5 दिवसीय ग्रीष्मोत्सव आज प्रातः आरम्भ हुआ। प्रातः योग के आसन एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। इसके पश्चात चार यज्ञ वेदियों पर यज्ञ हुआ। यज्ञ वेदियों के चारों ओर यजमानों ने उपस्थित होकर यज्ञ की प्रक्रिया को श्रद्धापूर्वक सम्पन्न किया। यज्ञ में मंत्रोच्चार गुरुकुल की तीन छात्रओं एवं उनकी एक अन्य वरिष्ठ छात्रा वा आचार्या जी ने मिलकर सम्पन्न किया। आचार्य आशीष आर्य जी सहित मंच पर यज्ञ के ब्रह्माजी, उनके साथ पं. दिनेश पथिक जी, प्रसिद्ध आर्य भजनोपदेशक, आचार्य शैलेश मुनि सत्यार्थी जी, हरिद्वार, आचार्य स्वामी सत्यव्रतानन्द सरस्वती जी उपस्थित थे। चण्डीगढ़ से आये श्री सुशील भाटिया जी भी कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने में अपना योगदान कर रहे थे। यज्ञ की समाप्ति पर यज्ञ के ब्रह्मा जी का वैदिक मान्यताओं पर एक प्रशावशाली व्याख्यान हुआ। आश्रम में पधारी एक साधिका बहिन जी ने भी अपनी मधुर आवाज में एक भजन प्रस्तुत किया। प्रातः 9.00 बजे शान्ति पाठ हुआ। उत्सव का प्रथम दिवस होने के कारण आश्रम के प्रांगण में आज ओ३म् ध्वज का आरोहण अर्थात् ध्वजारोहण भी किया गया। आश्रम में पधारे सभी अतिथिगण एवं आश्रम द्वारा संचालित तपोवन विद्या निकेतन जूनियर हाईस्कूल के विद्यार्थीगण ध्वजारोहण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। 

    ध्वजारोहण आश्रम के संस्थापक सदस्य जिनकी आयु इस समय 95 वर्ष की है, उन श्री मनजीत सिंह जी के करकमलों के द्वारा सम्पादित हुआ। श्री मनजीत सिंह जी आश्रम के निकट ही अपने निवास पर रहते हैं। ध्वजारोहण के बाद ध्वज गीत हुआ जिसे आत्मोन्नति आश्रम, जीन्द से पधारे दो युवकों ने अपनी मधुर एवं सुरीली आवाज में प्रस्तुत किया। इन युवाओं ने ध्वज गीत को हिन्दी पद्यों में गाकर भी प्रस्तुत किया। ध्वजारोहण सम्पन्न होने पर आचार्य आशीष आर्य जी ने वेद और ऋषि दयानन्द के भक्तों को अपने सम्बोधन में कहा कि आज हम सब आर्य नर नारी और बच्चे ओ३म् ध्वज के नीचे खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रतीक है कि हम जीवन भर ईश्वर की आज्ञाओं का पालन करना जारी रखेंगे। इन्हें कभी छोड़ेंगे नहीं। ईश्वर की आज्ञाओं का पालन करना ही हमारा सर्वोपरि कर्तव्य है। आचार्य ही ने कहा हम ईश्वर की आज्ञाओं का पालन करने सहित परस्पर संगठित रहेंगे और आगे बढ़ेंगे। आचार्य आशीष जी ने यह भी कहा कि हम सब अपनी अपनी योग्यता के अनुसार अपने अपने क्षेत्रों में आगे बढ़कर समाज व लोगों का नेतृत्व करेंगे और समाज को आगे बढ़ायेंगे। 

    आचार्य जी ने कहा कि हम सब एक हैं और सदा एक रहेंगे। हम सब मिलकर ओ३म्-ईश्वर की आज्ञाओं का पालन करेंगे। इसके बाद शान्ति पाठ हुआ और आर्यवीरों ने जयघोष लगाये। ध्वजारोहण में मंच पर उपस्थित प्रमुख लोगों में आचार्य आशीष आर्य जी, श्री मनजीत सिंह जी, पूर्व मंत्री श्री प्रेमप्रकाश शर्मा जी, मंत्री श्री श्याम आर्य जी, वैदिक विद्वान डा. कृष्णकान्त वैदिक जी, स्वामी सत्यव्र्रतानन्द सरस्वती जी, स्वामी योगेश्वरानन्द सरस्वती जी, आचार्य शैलेश मुनि जी ज्वालापुर-हरिद्वार, डा. जगदीप आर्य, श्री कुलदीप सिंह चौहान, श्री शत्रुघ्न कुमार मौर्य, श्रीमती कान्ता काम्बोज आदि उपस्थित थे। आज प्रातः 10.00 बजे आश्रम के सभागार में विद्वानों के प्रवचन, पं. दिनेश पथिक जी के भजन एवं कुछ सम्मेलनों का कार्यक्रम है। अपरान्ह 3.30 बजे से भी यज्ञशाला में यज्ञ, भजन एवं उपदेश का आयोजन रहेगा। रात्रिकालीन सभा भी सायं 7.30 बजे से रात्रि 9.00 बजे तक होगी जिसमें भी विद्वानों के प्रवचन एवं भजन आदि आयोजन सम्पन्न होंगे। 

    बहुत दिनों बाद आज तपोवन आश्रम जाकर हमें अच्छा लगा। हमें अपने प्रिय अनेक लोगों के आश्रम में दर्शन हुए। यज्ञशाला में बैठकर तथा वहां यज्ञ के ब्रह्मा जी का उपदेश सुनकर भी हमें अच्छा लगा। कार्यक्रम आगामी रविवार 17 मई, 2026 तक चलेगा। हम आशा करते हैं कि आश्रम अपने उद्देश्य की पूर्ति में निरन्तर आगे बढ़ने का कार्य करेगा और सभी बन्धु आश्रम को सहयोग देकर इसकी उन्नति में सहायक होंगे। ओ३म् शम्। 
-मनमोहन कुमार आर्य
पताः 196 चुक्खूवाला-2
देहरादून-248001
फोनः09412985121 


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