चित्तौड़गढ़। 21वीं सदी के राजस्थान साहित्यिक आंदोलन की श्रंखला में आयोजित होने वाले चित्तौड़गढ़ साहित्य उत्सव को अधिक व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के उद्देश्य से यूथ मूवमेन्ट राजस्थान द्वारा तीन नई समितियों के गठन की घोषणा की गई है। इनमें चित्तौड़गढ़ जिला समिति, राजस्थान राज्य स्तरीय समिति तथा राष्ट्रीय समिति शामिल होंगी।
यूथ मूवमेन्ट राजस्थान के संस्थापक अध्यक्ष शाश्वत सक्सेना ने बताया कि इन समितियों के माध्यम से साहित्य को गांव-गांव और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने, युवा रचनाकारों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने, लोक संस्कृति और आधुनिक चिंतन के बीच सेतु बनाने तथा जनभागीदारी आधारित साहित्यिक आंदोलन को और सशक्त करने का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “साहित्य सत्ता से नहीं, समाज से शक्ति लेता है। इसलिए चित्तौड़गढ़ साहित्य उत्सव को अधिक व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।”
शाश्वत सक्सेना ने बताया कि यह पहल 21वीं सदी के राजस्थान साहित्यिक आंदोलन के संस्थापक एवं प्रवर्तक अनिल सक्सेना ‘ललकार’ के मार्गदर्शन में की जा रही है। वर्ष 2010 से निरंतर चल रहे इस आंदोलन के अंतर्गत आयोजित चित्तौड़गढ़ साहित्य उत्सव में पद्मश्री व राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त विभूतियों, राष्ट्रीय साहित्यकारों और लोक कलाकारों सहित विभिन्न सांस्कृतिक संस्थानों की सक्रिय सहभागिता रही है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित समितियों के माध्यम से आयोजन समन्वय, मीडिया प्रचार-प्रसार, साहित्यकार एवं कलाकार संपर्क, युवा मंच संचालन, सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजन तथा शोध व दस्तावेजीकरण जैसे कार्य किए जाएंगे।
आयोजन से जुड़ने के लिए युवा रचनाकारों, महिला साहित्यकारों, पत्रकारों, लोक कलाकारों, रंगकर्मियों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इच्छुक व्यक्ति अनिल सक्सेना ‘ललकार’ से मोबाइल 9799535670 एवं 8003185123 पर संपर्क कर सकते हैं।
संगठन ने साहित्यकारों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि वे इस सांस्कृतिक पहल से जुड़कर चित्तौड़गढ़ की धरती से साहित्य के स्वर को राष्ट्रीय चेतना तक पहुँचाने में अपनी भागीदारी निभाएँ।