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राजस्थान के पहले स्कूल मानसिक स्वास्थ्य सम्मेलन का अकादमिक प्रायोजक बना साई तिरुपति यूनिवर्सिटी, उदयपुर

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07 May 26
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राजस्थान के पहले स्कूल मानसिक स्वास्थ्य सम्मेलन का अकादमिक प्रायोजक बना साई तिरुपति यूनिवर्सिटी, उदयपुर

उदयपुर : राजस्थान: साई तिरुपति यूनिवर्सिटी, उदयपुर ने राजस्थान के पहले स्कूल मानसिक स्वास्थ्य सम्मेलन के अकादमिक प्रायोजक के रूप में सहभागिता की। यह सम्मेलन ब्रेन बायोमैग टेक प्राइवेट लिमिटेड एवं मलिक मानसिक शक्ति फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से  होटल पैराडाइज ब्लिस, उदयपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित किया गया। साई तिरुपति यूनिवर्सिटी के चेयरमैन आशीष अग्रवाल ने सम्मेलन के अकादमिक प्रायोजक बनने की सहमति प्रदान की, जिससे विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक कल्याण के प्रति संस्थागत सहयोग को बल मिला।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि गौरव अग्रवाल थे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रशांत नाहर, एससी जोशी तथा हरीश माथुर उपस्थित रहे। सम्मेलन की थीम  — “स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ एवं आवश्यकताएँ – भविष्य के लिए तैयार मन थी।  सम्मेलन में लगभग 90–100 लोगों ने भाग लिया, जिनमें शिक्षक, मनोवैज्ञानिक, चिकित्सक, स्कूल प्रतिनिधि, शोधकर्ता तथा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल थे।
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित विशेषज्ञों की उपस्थिति रही, जिनमें डॉ. प्रवीण खैरकर, डॉ. अमरेश, डॉ. भक्ति तथा डॉ. सुरेश बदामठ शामिल थे। इन विशेषज्ञों ने विद्यालयों एवं सार्वजनिक नीतियों में मानसिक स्वास्थ्य की बढ़ती आवश्यकता और चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
विशेषज्ञों ने संज्ञानात्मक विकास, ऑटिज़्म एवं लर्निंग डिसएबिलिटी, न्यूरोफीडबैक, भावनात्मक संतुलन, व्यवहारिक समस्याओं तथा प्रारंभिक हस्तक्षेप जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। सम्मेलन में आधुनिक न्यूरोटेक्नोलॉजी जैसे बायोफीडबैक सिस्टम, जीएसआर आधारित भावनात्मक विश्लेषण एवं उन्नत उपचार प्रोटोकॉल की भूमिका पर भी चर्चा की गई। यह सम्मेलन राजस्थान के चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय के अनुरोध पर ऑनलाइन भी प्रसारित किया गया, जिससे अधिक लोगों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सकी।
कार्यक्रम में पूनम राठौड़, डॉ. बाघेलाल, डॉ. सविता जगावत और डॉ. ऋचा सिंह राजपुरोहित ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव एवं विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए संरचित मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन में बच्चों एवं किशोरों की लंबे समय से उपेक्षित मानसिक एवं व्यवहारिक समस्याओं पर गंभीर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने प्रारंभिक पहचान, जागरूकता, रोकथाम एवं सहयोगात्मक विद्यालयी वातावरण विकसित करने की आवश्यकता बताई।
ब्रेन बायोमैग टेक संस्था के फाउंडर डॉ. प्रवीण खैरकर, सीईओ डॉ. अश्विनी, डिप्टी डायरेक्टर रचिता इसरानी और जनरल मैनेजर कीर्ति ने राजस्थान में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, न्यूरोटेक्नोलॉजी अनुसंधान एवं सामुदायिक हस्तक्षेप कार्यक्रमों के लिए एक सशक्त मंच विकसित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
 


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