कोटा । शब्दशिल्पी डॉ. वैदेही गौतम एवं डॉ.प्रभात कुमार सिंघल द्वारा संयुक्त रूप से संपादित कृति कथा वल्लरी एवं डॉ. प्रभात कुमार सिंघल द्वारा संपादित कृति उत्सव के रंग ( बाल काव्य कथा निकुंज ) वर्ष 26 की नई कृतियां आई हैं। इनका प्रकाशन साहित्य मंडल श्रीनाथद्वारा की ओर से किया गया है।
कथा वल्लरी कृति में हाड़ोती अंचल की 38 महिला रचनाकारों की कहानी प्रतिकार - अंजना मनोज गर्ग, शुद्ध देसी प्रेम - अल्पना गर्ग, मानवीय मूल्यों का विकास - डॉ.अपर्णा पाण्डेय,अधूरी उड़ान - आकांक्षा शर्मा, हादसा - डॉ. अर्चना शर्मा, बाप तो बाप ही होता है - अर्चना शर्मा, दान का महत्व - एकता शर्मा,
अदृश्य धागा नेह का - गरिमा राकेश 'गर्विता',
गर्व का घराना - डां.हेमलता गांधी,फैसले का बोझ - कविता गांधी,वीरांगना - ममता महक,
बिजाड़ का दर्द - डॉ. नेहा प्रधान, परिश्रम से सफलता - नीलू सिसोदिया, सबसे सुन्दर फूल - पल्लवी दरक न्याति, नीम बच जाएगा - प्रज्ञा गौतम, कोशिश - प्रार्थना भारती, समय की कीमत - प्रतिमा पुलक, रिश्तों में नफा नुकसान नहीं देखा जाता - राधा तिवारी, शिक्षक की छेनी - डॉ. रंजना शर्मा, शगुन की मेहन्दी - रीता गुप्ता 'रश्मि', सफर - रेखा सक्सेना, सुकुन भरा दिन - रेखा पंचोली, गुरु दक्षिणा - रेखा शर्मा,
प्रेम की सुगन्ध - रश्मि वैभव गर्ग, फैसला - रेणु सिंह 'राधे', तिरंगा - संजू श्रृंगी, मैंने कुछ नहीं किया - डॉ. संगीता देव, गारंटी - डॉ. संगीता सिंह, मंगली - स्मृति शर्मा, आखिर क्यों ? - डॉ. सुशीला जोशी, सिक्के के दो पहलू - डॉ. सुलोचना शर्मा, घर वापसी - सुमनलता शर्मा,
उड़ने की सीख - सुमन माली, अनोखा उपहार - श्यामा शर्मा, गांव की रोशनी - डॉ. शशि जैन,
श्रम का मोल - योगमाया शर्मा, पुनरागमन - डॉ. (श्रीमती) युगल सिंह, मैडम जी - डॉ. वैदेही गौतम शामिल हैं।
उत्सव के रंग ( बाल काव्य कथा निकुंज ) कृति में 22 बालकों, किशोरों एवं युवाओं की बाल कविता - मुस्कराहट के दिए जलते रहे - काव्या सोमानी नाथद्वारा, भारतीय त्यौहार - रत्नेश दाधीच उदयपुर, दशहरा मन का रावण - वसुश्रवा द्विवेदी कोटा, रंग होली के - मुकुल चौहान उदयपुर, होली - आराध्य नारायण रावत - दौसा, बसंत पंचमी बचपन - रेयांश बोथरा जयपुर, दीपावली - तितिक्षा गुप्ता झालरापाटन, पांच दिन का उजियारा - अभिज्ञा गुप्ता गाजियाबाद (उ.प्र.)शामिल हैं। बाल कहानी में कहानी नवरात्रि - यतिका निभानी उदयपुर, गणेश चतुर्थी - मयंक माली नाथद्वारा, वह मुस्कान जो ईद से बड़ी है - कामरान बहराइच ( उ. प्र.), ज्ञान का दिया - उत्कर्ष नारायण दौसा, राखी का वचन - अन्यया दौसा, खुशियों का त्यौहार - दूर्वा शर्मा कोटा, गणेश चतुर्थी - माद्री सिंह नाथद्वारा, रंगों की सच्ची होली - भव्यराज जोशी हाथरस, पुतला चोर - भार्गव नारायण दौसा, नाटक से बढ़ कर - पोषिता माली नाथद्वारा , दीपक की लौ - अभिज्ञा गुप्ता गाजियाबाद एवं कहानी जैसी बात - होली - काव्या सोमानी नाथद्वारा शामिल हैं।