जयपुर | सप्त शक्ति कमांड के तत्वावधान में ज्ञान शक्ति थिंक टैंक (जीएसटीटी) ने 15 अप्रैल 2026 को जयपुर मिलिट्री स्टेशन में ‘Redlines Redrawn - Operation Sindoor and India’s New Normal’नामक पुस्तक पर एक ज्ञानवर्धक चर्चा का आयोजन किया। जयपुर के सेवारत और सेवानिवृत्त रक्षा अधिकारी, अकादमिक विशेषज्ञ, प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज और स्कूल के छात्र बड़ी संख्या में इस चर्चा में शामिल हुए। इस चर्चा में पुस्तक के चार लेखकों में से तीन, मेजर जनरल (डॉ.) बिपिन बख्शी, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त), पूर्व राजदूत अनिल त्रिगुणायत और ब्रिगेडियर अखिलेश भार्गव (सेवानिवृत्त) शामिल थे, जिन्होंने विषय पर अपने विचार सांझा किए।
लेखकों ने 88 घंटे के ऑपरेशन सिंदूर और भारत की वर्तमान नीतियों पर इसके प्रभाव का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने अपनी पुस्तक के सभी आठ चैप्टर्स का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया और यह स्पष्ट किया कि किस प्रकार भारत ने अपनी रणनीतिक दृढ़ता का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान प्रायोजित एवं निरंतर संचालित आतंकवाद के लिए लागत और उसके परिणामों को बढ़ाने की अपनी नीति को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।। इस सेमिनार में श्रोताओं के साथ एक रोचक प्रश्न-उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया।
नवंबर 2024 से आज तक ज्ञान शक्ति थिंक टैंक ने विविध और आकर्षक विषयों पर ग्यारह सेमिनार आयोजित किए हैं, जिनमें ‘Redlines Redrawn - Operation Sindoor and India’s New Normal’नामक पुस्तक पर चर्चा भी शामिल है। इस मंच का उद्देश्य रणनीतिक एवं रक्षा संबंधी विषयों पर बौद्धिक चिंतन को विकसित एवं प्रोत्साहित करना है। यह मंच वेटरन्स की सक्रिय सहभागिता के साथ बौद्धिक विचार-विमर्श का संगम है तथा प्रासंगिक विषयों पर चर्चा हेतु उत्कृष्ट वक्ताओं को आकर्षित करता है।
सप्त शक्ति कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस. शेखावत ने अपने समापन भाषण में लेखकों की उत्कृष्ट पुस्तक एवं ऑपरेशन के महत्वपूर्ण पहलुओं और निष्कर्ष को समझाने वाले उनके व्याख्यान की सराहना की। उन्होंने वक्ताओं को ऑपरेशन सिंदूर को परिभाषित करने वाले राजनीतिक, सैन्य और कूटनीतिक आयामों पर गहन अंतर्दृष्टि प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया।