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दिल्ली मंडल में ‘‘70वां रेल सेवा पुरस्कार’’ 2026 का आयोजन

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01 May 26
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दिल्ली मंडल में ‘‘70वां रेल सेवा पुरस्कार’’ 2026 का आयोजन

नई दिल्ली। बोरी-बंदर और ठाणे के बीच देश में पहली ट्रेन के चलने के उपलक्ष्य में, भारतीय रेलवे हर साल रेलवे सप्ताह मनाता है। इस साल, दिल्ली मंडल, उत्तर रेलवे ने गुरूवार को ‘‘70वां रेल सेवा पुरस्कार’’ समारोह आयोजित किया। इस समारोह में, श्री पुष्पेश रमण त्रिपाठी, मंडल रेल प्रबंधकए दिल्ली ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक श्री संजीव कुमार सिन्हा, श्री त्रिभुवन मिश्रा और श्री नेम सिंह बघेल, दिल्ली मंडल के अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारी व कर्मचारी तथा मान्यता प्राप्त यूनियनों, संघों और महासंघों के सदस्य भी उपस्थित थे।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि वर्ष 2025 में, नई दिल्ली. फ़िरोज़पुर खंड पर एक नई वंदे भारत ट्रेन और दिल्ली शाहदरा-शामली खंड पर दो एम.ई.एम.यू. सेवाओं की शुरुआत से यात्री सुविधा में वृद्धि की गई। त्योहारों के दौरान कुशल यात्री प्रबंधन सुनिश्चित करने हेतु अतिरिक्त टिकट सुविधाएँ, नई दिल्ली होल्डिंग एरिया में एम. यू.टी.एस. सुविधाएँ तथा नई दिल्ली और आनंद विहार टर्मिनल पर ए.टी.वी.एम. लगाए गए। दिल्ली मंडल, उत्तर रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान माल लदान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल माल लदान 20.45 मिलियन टन रहा। रेक के रूप में कुल माल लदान 16,101 रेक रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष (15,008 रेक) की तुलना में 7.28 प्रतिशत अधिक है। जींद-पानीपत खंड पर अनुभागीय गति 65 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 110 किमी प्रति घंटा कर दी गई।
एक तकनीकी रूप से उन्नत शतक टॉवर वैगन भी विकसित किया गया है, जो रूम माउंटेड इंटीग्रेटेड थर्मल इमेजिंग सिस्टम आधारित ऊँचाई और स्टैगर मापन प्रणालियों तथा उन्नत परिचालन सुविधाओं से सुसज्जित है। स्विचिंग पोस्टों पर महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की निगरानी और असामाजिक गतिविधियों पर रोकथाम हेतु सी.सी. टी.वी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि गाजियाबाद यार्ड में पैंटोग्राफ उलझाव की घटनाओं की निगरानी करने और टी.पी.सी. को रियल-टाइम फीड प्रदान करने के लिए सौर-आधारित सी.सी. टी.वी. प्रणाली स्थापित की गई है। 500 के.वी.ए. के डी.जी. सेटों में रेट्रोफिट उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण लगाए गए हैं, जिससे पार्टिकुलेट उत्सर्जन में 99.21 प्रतिशत और हानिकारक गैसों में 70 प्रतिशत की कमी आई है।
वर्ष 2025 के दौरान, कई स्टेशनों पर 413.05 की कुल क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए, जिसके परिणामस्वरूप प्रतिवर्ष 6.02 लाख यूनिट ऊर्जा की बचत, रूपये 56.37 लाख की लागत बचत और कार्बन उत्सर्जन में 33.17 टन की कमी हुई। वर्ष 2025 के दौरान, इलेक्ट्रिक लोको शेड गाजियाबाद ने पुश-पुल लोकोमोटिव से सुसज्जित 9 अमृत भारत ट्रेनों के उद्घाटन में महत्वपूर्ण योगदान दिया, ईंधन दक्षता हेतु 43 लोकोमोटिव को नॉन-एच.ओ.जी. से एच.ओ.जी. में परिवर्तित किया और 78 लोकोमोटिव पर सबसे तीव्र गति से कवच की स्थापना की। दिल्ली सफदरजंग से मथुरा और वृंदावन तक राष्ट्रपति विशेष ट्रेन का सफल संचालन किया गया।
वर्ष 2025 के दौरानए ‘‘नन्हे फरिश्ते’’ पहल के तहत 327 बच्चों को बचाया गया। ‘‘ऑपरेशन अमानत’’ के अंतर्गत कुल 1,480 सामान बरामद किए गए, जिनका मूल्य रूपये 3,28,51,626 (3.28 करोड़ रुपये) था। ‘‘ऑपरेशन नारकोस’’ के तहत रूपये 82,21,75,040 (82.2 करोड़ रुपये) मूल्य के एन.डी.पी.एस मामले पकड़े गए और 21 गिरफ्तारियाँ की गईं, साथ ही रूपये 4,53,51,581 (4.53 करोड़ रुपये) मूल्य के प्रतिबंधित पदार्थों से जुड़े मामलों में 101 गिरफ्तारियाँ हुईं। इसके अतिरिक्त, चोरी के 178 मामले पकड़े गएए जिनका मूल्य रूपये 1,66,10,540 (1.66 करोड़ रुपये) था। स्क्रैप निपटान से रूपये 58.51 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि रूपये 7.94 करोड़ की मशीनरी और प्लांट खरीद ने महत्वपूर्ण उपकरणों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की।
समारोह के दौरान, श्री पुष्पेश रमण त्रिपाठी, मंडल रेल प्रबंधक, दिल्ली ने 100 रेल कर्मचारियों (अधिकारियों और कर्मचारियों) को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया। मंडल रेल प्रबंधक, दिल्ली ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और कर्मचारियों को उनकी कठिन ड्यूटी 24 गुणा 7 निभाने के लिए सम्मानित करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।


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