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स्पीकर श्री देवनानी ने कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन किया

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12 Jun 26
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स्पीकर श्री देवनानी ने कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन किया

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने हरियाणा प्रवास के दौरान गुरुवार को कुरुक्षेत्र के विभिन्न ऐतिहासिक, आध्यात्मिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का भ्रमण किया। श्री देवनानी ने कहा कि कुरुक्षेत्र ऐतिहासिक स्थल है। भारतीय संस्कृति एवं सनातन मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। यहां स्थित आध्यात्मिक केन्द्र एवं सांस्कृतिक संस्थान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र की गौरवशाली परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण सेतु हैं।

श्री देवनानी ने ब्रह्म सरोवर एवं सन्निहित सरोवर के दर्शन किये। भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले ये दोनों तीर्थस्थल श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। ब्रहम सरोवर को सृष्टि की उत्पत्ति से जुड़ी मान्यताओं का प्रतीक माना जाता है, वहीं सन्निहित सरोवर को विभिन्न पवित्र नदियों के संगम का स्थल माना जाता है। उन्होंने सरोवरों की पौराणिक एवं ऐतिहासिक बताया। श्री देवनानी ने पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र का भी अवलोकन किया। श्री देवनानी ने कहा कि यह केंद्र महाभारत के प्रसंगों, भारतीय इतिहास एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आधुनिक प्रदर्शनी तकनीकों के माध्यम से प्रस्तुत करता है। यहां भारतीय जान परंपरा और विज्ञान के समन्वय को प्रभावी रूप से दर्शाया गया है। श्री देवनानी गीता ज्ञानम संस्थान और अभिमन्युपुर भी गए।

स्पीकर श्री देवनानी ज्योतिसर स्थित महाभारत अनुभव केंद्र गये। श्री देवनानी ने कहा कि ज्योतिसर पवित्र स्थल है। यहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्‌गीता का उपदेश दिया था। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल माध्यमों से विकसित यह केंद्र महाभारत कालीन घटनाओं, गीता के संदेश तथा भारतीय दर्शन को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करता है। श्री देवनानी ने शक्तिपीठ स्वरूप प्रसिद्ध भद्रकाली मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। यह मंदिर भी जन आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा महाभारत कालीन परंपराओं से भी जुड़ा माना जाता है। उन्होंने मंदिर की ऐतिहासिक बताया।

विधानसभा अध्यक्ष ने श्री वेंकटेश्वर स्वामी तिरुपति बालाजी मंदिर के भी दर्शन किये। दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली में निर्मित यह भव्य मंदिर सांस्कृतिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है तथा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कुरुक्षेत्र स्थित श्रीकृष्ण संग्रहालय का अवलोकन कर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, भारतीय संस्कृति तथा महाभारत काल से संबंधित प्रदर्शित सामग्री की जानकारी ली। श्री देवनानी ने कहा कि संग्रहालय में भारतीय कला, इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण संग्रह संरक्षित हैं।
 


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