जी एन भट्ट
राजस्थान में 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व राज्यभर में योग को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री निवास तथा राजस्थान विधानसभा परिसर में योग का पूर्वाभ्यास आयोजित किया गया। इन आयोजनों ने न केवल योग दिवस की तैयारियों को गति दी है, बल्कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच स्वास्थ्य एवं फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण संदेश दिया है।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के अभियान को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित पूर्वाभ्यास में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने भाग लेकर नियमित योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प दोहराया। वहीं इसी प्रकार राजस्थान विधानसभा में स्पीकर वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में आयोजित अभ्यास सत्र में विधायकों और विधानसभा कर्मियों ने योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया।
योग आज केवल भारत की प्राचीन परंपरा का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुका है। वर्ष 2014 में Narendra Modi द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिली। तब से लेकर अब तक योग दिवस विश्वभर में भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतिनिधित्व कर रहा है।
राजस्थान सरकार भी योग को जनकल्याण से जोड़कर देख रही है। राज्य में स्कूलों, महाविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री निवास और विधानसभा में हुआ पूर्वाभ्यास इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि स्वस्थ समाज के निर्माण में नेतृत्व की भूमिका केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों, तनाव और मानसिक दबाव के बढ़ते दौर में योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है। नियमित योगाभ्यास शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास को भी मजबूत करता है। यही कारण है कि सरकारें अब योग को केवल सांस्कृतिक गतिविधि नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति के महत्वपूर्ण अंग के रूप में देख रही हैं।
राजस्थान विधानसभा में आयोजित योग पूर्वाभ्यास का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में कार्यरत जनप्रतिनिधि और कर्मचारी स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रेरित हों। जब नीति निर्माण से जुड़े लोग स्वयं योग को अपनाते हैं, तो समाज में उसका सकारात्मक प्रभाव और अधिक व्यापक रूप से दिखाई देता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस वर्ष भी राजस्थान में बड़े स्तर पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाई गई है। राज्य सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक नागरिक योग से जुड़ें और इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री निवास और राजस्थान विधानसभा में आयोजित योग का पूर्वाभ्यास केवल एक औपचारिक तैयारी नहीं, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और सक्रिय राजस्थान के निर्माण की दिशा में एक सार्थक पहल है। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि योग अब केवल व्यक्तिगत साधना नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण का सशक्त माध्यम बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक और लोकतांत्रिक संस्थानों में योग की गूंज इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान योगमय और निरोगी समाज की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।