उदयपुर। कला, कौशल और सूक्ष्म शिल्पकला के क्षेत्र में एक बार फिर उदयपुर का नाम विश्व पटल पर चमका है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त स्वर्ण शिल्पी एवं 211 विश्व रिकॉर्ड धारक प्रोफेसर डॉ. इकबाल सक्का ने चावल के दाने के आकार का विश्व का सबसे छोटा सोने-चांदी का तिरंगा ताजिया बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

हैरतअंगेज सूक्ष्मता से निर्मित इस ताजिये को एक नन्ही नाव के भीतर सजाया गया है। सामान्य आंखों से यह केवल एक बिंदु जैसा दिखाई देता है, लेकिन लेंस की सहायता से देखने पर इसमें बना स्वर्णिम गुंबद, दो-खंड कठड़ा और आकर्षक छतरी स्पष्ट रूप से नजर आती है। यह अद्भुत कृति डॉ. सक्का की बेमिसाल शिल्प प्रतिभा का जीवंत उदाहरण है।
विशेष आकर्षण यह है कि इस सूक्ष्म ताजिये को पानी से भरे पात्र में नाव पर स्थापित कर तैरते हुए प्रदर्शित किया गया है, जो मोहर्रम की पारंपरिक सवारी का प्रतीकात्मक रूप प्रस्तुत करता है। सोने-चांदी से निर्मित यह तिरंगा ताजिया देशभक्ति और सांस्कृतिक सौहार्द का भी संदेश देता है।
डॉ. सक्का ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी मोहर्रम के अवसर पर उदयपुर में निकलने वाले ऐतिहासिक छड़ियों के जुलूस के दिन इस विश्व के सबसे छोटे तिरंगे ताजिये की प्रतीकात्मक नाव सवारी निकाली जाएगी। पारंपरिक छड़ियों के साथ इस अनूठी कृति को सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
चावल के दाने जितने छोटे इस ताजिये ने शहरवासियों में उत्सुकता और उत्साह का वातावरण बना दिया है। लोग इसे कला, आस्था और देशभक्ति का अद्भुत संगम बताते हुए डॉ. सक्का की इस अनोखी उपलब्धि की सराहना कर रहे हैं। उदयपुर की यह बेशकीमती कृति एक बार फिर साबित करती है कि प्रतिभा का आकार नहीं, उसकी पहचान मायने रखती है।