जैसलमेर । जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला कलक्टर सभागार में पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा के लिए मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय समन्वय, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि पशुधन हमारी अमूल्य धरोहर है और उनकी समृद्धि एवं संरक्षण ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना तथा पशुधन के स्वास्थ्य एवं संवर्धन के लिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
बैठक में विभागीय योजनाओं की माहवार प्रगति, मंगला पशु बीमा योजना के क्रियान्वयन, लंबित प्रकरणों के निस्तारण एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने पशुओं के टीकाकरण कार्यक्रमों में तेजी लाने एवं मौसमी एवं संक्रामक रोगों, विशेषकर कर्रा रोग की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम एवं नस्ल सुधार गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के माध्यम से पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने पर बल दिया। पशुधन गणना, टैगिंग तथा आधारभूत आंकड़ों के संधारण संबंधी कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौशालाओं एवं पशु आश्रय स्थलों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं, निरीक्षण व्यवस्था एवं अनुदान संबंधी विषयों पर भी चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने गौवंश एवं अन्य निराश्रित पशुओं के संरक्षण हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पशु चिकित्सा संस्थानों में दवाओं, वैक्सीन एवं आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुपालक हितार्थ संचालित योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन, विभागीय बजट एवं व्यय प्रगति एवं लंबित वित्तीय प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विशेष अभियानों की प्रगति, पशुपालन विभाग के लिए भूमि आवंटन, लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों एवं विभागीय भवनों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
जिला कलक्टर ने जन शिकायतों, संपर्क पोर्टल एवं अन्य लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए पशु क्रूरता निवारण एवं निराश्रित पशुओं के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा। मृत पशुओं के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए चिन्हित स्थलों पर की जा रही व्यवस्थाओं एवं प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में मोबाइल वेटरनरी यूनिट एवं पशु चिकित्सा एम्बुलेंस सेवाओं के संचालन, वाहन उपलब्धता एवं सेवाओं की प्रभावशीलता पर चर्चा करते हुए इन सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक और अधिक सुलभ बनाने के निर्देश दिए गए। उष्ट्र संरक्षण योजना, जिले में संचालित विशेष अभियान, नवाचारों एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्राथमिकताओं की भी समीक्षा की गई। साथ ही, आगामी माह की कार्ययोजना एवं लक्ष्य निर्धारण पर चर्चा करते हुए सभी अधिकारियों को समन्वित प्रयासों के माध्यम से पशुपालन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश वर्गटीवार ने बैठक में पशुपालन विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विभागीय सेवाओं एवं उनकी प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए जिले में पशुधन विकास, पशु स्वास्थ्य सेवाओं एवं पशुपालकों के हित में किए जा रहे कार्यों से जिला कलक्टर को अवगत कराया।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर परसराम सैनी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह सांदू, सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क प्रवीण प्रकाश चौहान सहित पशुपालन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।