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सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास को मिलेगी नई गति

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08 Jun 26
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सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास को मिलेगी नई गति

               जैसलमेर । जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल के निर्देशन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (द्वितीय चरण) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कार्यक्रम से संबंधित विभिन्न विभागों की प्रगति, प्रस्तावित कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

              मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत जैसलमेर जिले की सीमावर्ती तीन पंचायत समितियां मोहनगढ़, नाचना एवं सम के कुल 30 गांवों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार लाना तथा इन गांवों को आत्मनिर्भर एवं विकसित बनाना है।

            बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में कार्यों को पूर्ण करने एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि सीमावर्ती गांवों का विकास राष्ट्रीय प्राथमिकता से जुड़ा विषय है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

          बैठक के दौरान पेयजल आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था, स्मार्ट क्लासरूम्स की स्थापना, बहुउद्देशीय सामुदायिक भवन (मल्टीपरपज कम्युनिटी हॉल), पुलिस बैरक निर्माण, टेलीविजन एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी एवं सड़क संपर्क (रोड कनेक्टिविटी) से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की।

          मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन कार्यों की स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ किया जाए एवं जिन प्रस्तावों पर कार्रवाई लंबित है, उन्हें समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे ग्रामीणों को शिक्षा, संचार, सुरक्षा, पेयजल एवं आवागमन जैसी आवश्यक सेवाओं का बेहतर लाभ प्राप्त होगा।

         बैठक में अधीक्षण अभियंता पीएचईडी कैलाश चंद मीणा, अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रेमसुख जयपाल, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ उमेश वर्गटीवार, अधीक्षण अभियंता आईजीएनपी रामावतार, मधुसूदन, सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क प्रवीण प्रकाश चौहान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेंद्र पालीवाल, सीमा सुरक्षा बल से विकास कुमार, हरबंस सिंह, इंद्रेश कुमार यादव, अजीत सत्यम, विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


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