जैसलमेर । जिले में कृषि, आवासीय एवं वाणिज्यिक भूमियों की बाजार दरों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यावहारिक एवं वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों की कृषि, आवासीय एवं वाणिज्यिक भूमि की प्रचलित बाजार दरों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान प्राप्त प्रस्तावों, स्थानीय परिस्थितियों, विकास गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार एवं भूमि मूल्यों में आए परिवर्तनों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने कहा कि भूमि की बाजार दरों का पुनरीक्षण वास्तविक बाजार मूल्य, स्थानीय परिस्थितियों एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावों का तथ्यात्मक परीक्षण कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से अंतिम अनुशंसा तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि बाजार दरों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में संबंधित विभागों के मध्य समन्वय बनाए रखते हुए प्रत्येक प्रस्ताव का गंभीरतापूर्वक परीक्षण किया जाए, जिससे राजस्व हितों की सुरक्षा के साथ-साथ आमजन के हितों का भी समुचित संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
बैठक में विभिन्न क्षेत्रों की वर्तमान बाजार स्थिति, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों तथा भूमि के उपयोग में आए परिवर्तनों के आधार पर प्रस्तावित संशोधनों पर भी चर्चा की गई। समिति ने प्राप्त सुझावों एवं प्रस्तावों का परीक्षण करते हु ए आवश्यक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया।
इस दौरान उप महानिरीक्षक पंजीकरण एवं स्टांप, बाड़मेर वृत्त महेंद्र मीणा ने जैसलमेर जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि, आवासीय तथा वाणिज्यिक भूमि की वर्तमान प्रचलित बाजार दरों, प्रस्तावित संशोधनों एवं विभिन्न क्षेत्रों में की गई वृद्धि का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने क्षेत्रीय परिस्थितियों, विकास की संभावनाओं एवं आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए अपने-अपने सुझाव रखे। जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी ने कहा कि जैसलमेर जिले की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों एवं आमजन, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि नेशनल एवं स्टेट हाईवे से सटी भूमि की तुलना में आवासीय भूमि की बाजार दरें यथासंभव कम रखी जाएं, ताकि मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवार भी सहजता से आवासीय भूखंड खरीदकर अपना आशियाना बना सकें।
विधायक भाटी ने कहा कि बाजार दरों का निर्धारण ऐसा हो, जिससे विकास और जनहित के बीच संतुलन बना रहे एवं आम नागरिकों पर अनावश्यक आर्थिक भार न पड़े। उनके सुझाव पर बैठक में उपस्थित समिति के सदस्यों एवं अधिकारियों ने सहमति व्यक्त करते हुए जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम सैनी, नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढ़ा, सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क प्रवीण प्रकाश चौहान, अधिशाषी अधिकारी पोकरण जब्बर सिंह, तहसीलदार मोहनगढ़ राजेंद्र करन सहित अन्य संबंधित तहसीलदार एवं अधिकारी उपस्थित रहे।