विश्व का सबसे बड़ा गोसेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा में पहली बार किसी गोशाला प्रांगण में जगद्गुरु शंकराचार्यजी के सान्निध्य में चातुर्मास आराधना महोत्सव आयोजित होगा। यह आयोजन 29 जुलाई से 26 सितंबर पर्यंत चलेगा जिसमें देशभर से लाखों गोभक्तों के पहुंचने की संभावना है।
गोवत्स विठ्ठल कृष्णजी ने बताया कि संस्थापक एवं प्रधान संरक्षक परम श्रद्धेय गोऋषि स्वामी श्री दत्तशरणानंदजी महाराजश्री की सत् प्रेरणा से आयोजित होने वाले सुरभि हरिहर चातुर्मास आराधना महोत्सव का आयोजन सहस्त्रों गोमाताओं के मध्य अभिनव ब्रजमंडल मनोरमा गोलोकतीर्थ अर्बुदारण्य की पावन धरा पर किया जाएगा, जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वतीजी महाराज, शारदा द्वारिका पीठाधीश्वर के पावन सान्निध्य में पहली बार किसी गोशाला में चातुर्मास का आयोजन होने जा रहा है। इसे गोसेवा और सनातन संस्कृति के क्षेत्र में ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है।
श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा लोक पुण्यार्थ न्यास के वरिष्ठ ट्रस्टी एवं पूर्व महामंत्री श्री प्रतापराजजी जेतपुरा ने बताया कि चातुर्मास के दौरान श्रीमद्भागवत कथा, श्रीरामचरितमानस कथा, नानी बाई का मायरा, श्री शिव महापुराण कथा, श्री हरिहर भक्तमाल कथा, गो भक्तमाल कथा सहित कुल सात कथाओं का आयोजन होगा एवं इसके साथ ही विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन भी किया जाएगा तथा प्रतिदिन गो अनुष्ठान संपन्न होंगे।
गोधाम पथमेड़ा राष्ट्रीय कार्यकारिणी केंद्रीय मंत्री श्री नरेन्द्रजी पुरोहित धानोल ने कहा कि आयोजन के दौरान गोबर-गोमूत्र आधारित प्राकृतिक खेती, गोदुग्ध के उपयोग, गोचिकित्सा, गोसंवर्धन, देशी नस्ल संरक्षण तथा पंचगव्य आधारित मानव चिकित्सा जैसे विषयों पर राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से गोचेतना के व्यापक जनजागरण का अभियान चलाया जाएगा।
श्री अजयराज जी ने बताया कि मुम्बई में इस महोत्सव के प्रचार-प्रसार के लिए गोसेवकों को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। वहीं मुम्बई सहित देशभर से हजारों श्रद्धालु विभिन्न यात्राओं के माध्यम से पथमेड़ा पहुंचकर चातुर्मास आराधना एवं गोसेवा का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
इस अवसर पर.श्री सदानन्द महाराज, गोवत्स विठ्ठल कृष्ण, श्री प्रतापराज जेतपुरा, श्री अजयराज पोसिन्तरा, श्री नरेन्द्र पुरोहित धानोलश्री नटवरलाल पोसिन्तरा, श्री सत्येन्द्र बिश्नोई सांचौर, श्री प्रेमसिंह जेतपुरा, श्री मनीष सेवाड़िया, श्री हरीश पुरोहित वाड़ा,श्री रेवाशंकर धानोल,श्री मनीष रणोदर उपस्थित रहे।