जैसलमेर । राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित ष्ग्रामीण सेवा शिविर-2026ष् की सफलता के बाद अब राजस्व विभाग द्वारा 21 जुलाई से 31 अगस्त, 2026 तक जिलेभर में फॉलो-अप शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से मुख्य अभियान के दौरान लंबित रहे प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करते हुए आमजन को त्वरित राहत प्रदान की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा 12 जून से 15 जुलाई, 2026 तक आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 में राजस्व विभाग सहित 21 विभागों ने सहभागिता निभाते हुए हजारों ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया। अब इसी अभियान की निरंतरता में फॉलो-अप शिविर आयोजित कर शेष कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाएगा।
फॉलो-अप शिविरों में मुख्य अभियान के दौरान प्राप्त नवीन आवेदनों एवं लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा। जिन स्थानों पर किसी कारणवश मुख्य शिविर आयोजित नहीं हो सके अथवा शेष रह गए थे, वहां भी निर्धारित अंतराल में 31 अगस्त, 2026 से पूर्व शिविर आयोजित किए जाएंगे।
शिविरों में प्रत्येक लाभार्थी का नाम एवं मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा, ताकि योजनाओं के लाभ का प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही ग्रामीणों से सुझाव भी प्राप्त किए जाएंगे एवं उपयोगी सुझावों का परीक्षण कर उन्हें भविष्य के शिविरों एवं जनसेवाओं में शामिल करने की कार्यवाही की जाएगी।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार फॉलो-अप शिविरों में रास्तों एवं अतिक्रमण से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही राजस्व विभाग द्वारा ग्रामीण सेवा शिविर-2026 एवं ई-मित्र कियोस्क सेवाओं के संबंध में पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप समस्त कार्यों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
फॉलो-अप अभियान के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों, उल्लेखनीय उपलब्धियों, सफलता की प्रेरक कहानियों, समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों एवं जनहितकारी नवाचारों का संकलन कर जिला स्तर पर एक विशेष स्मारिका/पुस्तक का भी प्रकाशन किया जाएगा, जिससे अभियान की उपलब्धियों का स्थायी दस्तावेज तैयार हो सके।
राज्य सरकार का उद्देश्य फॉलो-अप शिविरों के माध्यम से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना, लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन, पारदर्शिता एवं जनसेवा को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।