जैसलमेर । राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल ’’ग्रामीण सेवा फॉलोअप शिविर-2026’’ मोहनगढ़ निवासी हजारीमल पुत्र कस्तूराराम सुथार के जीवन में नई उम्मीद और स्थायी सुरक्षा लेकर आया। वर्षों से अपनी पुश्तैनी आवासीय भूमि के पट्टे के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हजारीमल को आखिरकार ग्राम पंचायत मोहनगढ़ में आयोजित फॉलोअप शिविर में उनकी मेहनत और इंतजार का सुखद परिणाम मिल गया।
हजारीमल के परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता अपने घर की भूमि का वैध स्वामित्व दस्तावेज नहीं होना था। पट्टा नहीं होने से उन्हें हमेशा भविष्य की असुरक्षा बनी रहती थी और कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से यह समस्या उनके परिवार के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई थी।
संवेदनशील प्रशासन ने मौके पर किया समाधान
ग्रामीण सेवा फॉलोअप शिविर में हजारीमल ने अपनी समस्या अधिकारियों के समक्ष रखी। शिविर में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उनके दस्तावेजों की जांच कराई एवं आवासीय भूमि का भौतिक सत्यापन कराया। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पारदर्शी ढंग से पूर्ण करने के बाद राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 157(1) के तहत उन्हें उनकी पुश्तैनी आवासीय भूमि का पट्टा मौके पर ही जारी कर सौंप दिया गया।
जैसे ही अधिकारियों ने हजारीमल को उनके घर का पट्टा सौंपा, उनके चेहरे पर वर्षों की चिंता समाप्त होने की संतुष्टि साफ दिखाई दी। उनके लिए यह केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि परिवार के सुरक्षित भविष्य, सम्मान और मालिकाना अधिकार का प्रमाण था।
अब मेरे परिवार का भविष्य सुरक्षित है
भावुक होते हुए हजारीमल ने कहा कि मैं कई वर्षों से अपने घर के पट्टे के लिए परेशान था। आज ग्रामीण सेवा फॉलोअप शिविर में मेरी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो गया। अब मुझे अपनी जमीन का वैध मालिकाना हक मिल गया है। इससे मेरे परिवार का भविष्य सुरक्षित हुआ है। मैं राज्य सरकार और जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने हमारी समस्या को समझकर इतनी शीघ्रता से समाधान किया।
सुशासन का सशक्त उदाहरण
मोहनगढ़ ग्राम पंचायत में हजारीमल की यह सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब प्रशासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से समाधान करता है, तब सुशासन का वास्तविक स्वरूप दिखाई देता है। ग्रामीण सेवा फॉलोअप शिविर न केवल लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, बल्कि आमजन के मन में सरकार के प्रति विश्वास को भी और अधिक मजबूत बना रहे हैं।