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तीसरे की बैठक में अंगदान नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों को किया दूर

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20 Jun 26
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तीसरे की बैठक में अंगदान नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों को किया दूर

बीते दिनों ग्राम नलका,जिला बाराँ निवासी सेवानिवृत अध्यापक मिश्रीलाल नागर के आकस्मिक निधन के उपरांत, शोकाकुल परिवार ने,अपने निवास स्थान पर शोक सभा का आयोजन किया था ।

शोक सभा में,संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन एवं ईबीएसआर-बीबीजे चैप्टर के कोऑर्डिनेटर,डॉ कुलवंत गौड़ ने,नेत्रदानी परिवार का प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया । भारत विकास परिषद के अध्यक्ष नरेश खंडेलवाल,सचिव हितेश खंडेलवाल,एवं शारीरिक शिक्षक व समाज सेवी सुनील शर्मा ने भी अपनी ओर से शोकाकुल परिवार के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र भेंट किया ।

स्व नेत्रदानी मिश्रीलाल के पुत्र मयंक,व दामाद संदीप के अनुरोध पर डॉ गौड़ ने उपस्थित जन समूह को अंगदान के महत्व,उपयोगिता और भ्रांतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ गौड़ ने कहा कि, ब्रेन डेड की अवस्था, साधारण होने वाली मृत्यु (कार्डियक डेथ) से बिल्कुल अलग होती है,ब्रेन डेड की अवस्था में एक व्यक्ति न्यूनतम 8 लोगों में जीवन दान दे सकता है ।

डॉ गौड़ ने यह भी बताया कि, प्रदेश में राजस्थान सरकार अंगदान के अभियान को गति देने के लिए, एवं अंगों के अभाव से होने वाली मृत्यु को रोकने के लिए संस्थान सोटो (राज्य अंग एवं उत्तर प्रत्यारोपण संस्थान) के माध्यम से कार्य कर रही है । ज्ञात हो कि,प्रदेश में अभी तक 86 ब्रेन डेड दिवंगतों के किडनी,लीवर,आँखों,हार्ट,आँतें व फेफड़े के दान से 200 से, अधिक लोगों का जीवन बचाया जा चुका है ।


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