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देवी प्रसाद गौड़ कृत 'स्मृतियों की चित्रशाला' का लोकार्पण 

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20 Jul 26
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देवी प्रसाद गौड़ कृत 'स्मृतियों की चित्रशाला' का लोकार्पण 


 अनुराग सेवा संस्थान, लालसोट (दौसा), राजस्थान के तत्वावधान में वरिष्ठ साहित्यकार  देवीप्रसाद गौड़ की संस्मरणात्मक रेखाचित्र संग्रह "स्मृतियों की चित्रशाला" का भव्य लोकार्पण समारोह होटल कौशिक प्लाजा, धोली प्याऊ, मथुरा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के साथ एक प्रभावशाली काव्य गोष्ठी का भी आयोजन हुआ, जिसमें साहित्यकारों, कवियों एवं बुद्धिजीवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. जनार्दन शर्मा (सांसद प्रतिनिधि) ने पुस्तक का लोकार्पण करते हुए कहा "स्मृतियां समाज की अमूल्य धरोहर होती हैं। ऐसी कृतियां नई पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक एवं सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। श्री देवीप्रसाद गौड़ का यह संग्रह साहित्य जगत के लिए एक मूल्यवान कृति है।"

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि डॉ. रमाशंकर पांडे ने कहा  "संस्मरण केवल घटनाओं का विवरण नहीं होते, बल्कि वे समय, समाज और व्यक्तित्व का जीवंत दस्तावेज होते हैं। उन्होंने पुस्तक की भाषा, शैली एवं संवेदनात्मक प्रस्तुति की सराहना की।"

विशिष्ट अतिथि डॉ. सत्यव्रत सिंह (दूरदर्शन , सहायक निदेशक) ने कहा "साहित्य समाज का दर्पण है और ऐसे रचनाकार अपनी लेखनी से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यह पुस्तक रेडियो विद्या की पुस्तक है जिसे  चेतना की विधा कहा जा सकता है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री दीपचंद वर्मा (महाप्रबंधक, इंडियन ऑयल) ने साहित्यिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम बताते हुए अनुराग सेवा संस्थान की सराहना की।

वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दिनेश पाठक 'शशि' ने कहा कि "स्मृतियों की चित्रशाला" केवल संस्मरणों का संकलन नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और जीवन मूल्यों का सजीव दस्तावेज है।

वरिष्ठ कवि श्री राधा गोविंद पाठक ने पुस्तक की साहित्यिक उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसे पाठकों के लिए प्रेरणादायी कृति बताया।

अनुराग सेवा संस्थान के डॉ. संजीव रावत ने अपने उद्बोधन में कहा  "संस्थान का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों का संरक्षण और संवर्धन करना है। ऐसे आयोजन साहित्यकारों के सम्मान के साथ नई पीढ़ी में साहित्य के प्रति रुचि जागृत करने का कार्य करते हैं।"

संस्थान के सदस्य रमाकांत शर्मा ने कहा  "श्री देवीप्रसाद गौड़ का साहित्यिक अवदान अनुकरणीय है। उनकी रचनाएं समाज को संस्कार, संवेदना और मानवीय मूल्यों का संदेश देती हैं। उन्होंने सभी साहित्यप्रेमियों से ऐसी साहित्यिक कृतियों के अध्ययन एवं संरक्षण का आह्वान किया।

कार्यक्रम संयोजक डॉ अंजीव अंजुम ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित साहित्यकारों का स्वागत करते हुए कहा  "अनुराग सेवा संस्थान निरंतर साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से रचनात्मक चेतना का विस्तार कर रहा है।" स्थानीय संयोजक प्रभात चौधरी एवं विनीत गोयल ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का प्रारंभ कवि रवींद्रनाथ रसिक की सरस्वती वंदना से हुआ। इस अवसर पर लेखक देवीप्रसाद गौड़ का संस्थान के सदस्यों द्वारा शाल, उत्तरीय, स्मृति चिन्ह, एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन  साहित्यकार अंजीव अंजुम द्वारा किया गया।  संस्थान की ओर से संतोष ऋचा में सभी का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

लोकार्पण समारोह के उपरांत आयोजित काव्य गोष्ठी में विभिन्न कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर वातावरण को साहित्यिक रस से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर साहित्यकार एवं कवि विनीत गौतम, अनुपम गौतम, हरि बाबू ओम (गोवर्धन), नारायण सिंह (किलौनी), अटल राम चतुर्वेदी, निशेश जार,  सत्य प्रकाश शर्मा (नोएडा) मूलचंद शर्मा, रविंद्र पाल रसिक मोहनलाल मोही (वृंदावन), सुमन पाठक, नीतू गोस्वामी, चंद्र प्रकाश सिकरवार, सिपाही लाल पाण्डेय मनमौजी, त्रवीण यादव अनिल शर्मा अनिल सहित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, शिक्षाविद, कवि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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