उदयपुर : सुपारी एवं मसाला विकास निदेशालय, कालीकट, केरल द्वारा प्रायोजित एक दिवसीय मसाला फसलों में मूल्य संवर्धन पर कृषक प्रशिक्षण उद्यान विज्ञान विभाग, राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर द्वारा शुक्रवार 06 मार्च, 2026 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम के आरम्भ में डा. अभय दशोरा, सहायक आचार्य एवं परियोजना प्रभारी, उदयपुर ने परियोजना के उद्धेश्य की जानकारी देते हुए क्षेत्र की प्रमुख बीजीय मसाला फसलों की उन्नत किस्मों की चर्चा की। डॉ. कपिल देव आमेटा, विभागाध्यक्ष, उद्यान विज्ञान विभाग ने कृषकों को मसाला फसलों की महत्ता बताते हुए उनकी खेती करके अधिक आर्थिक लाभ कमाने के लिये प्रेरित किया। साथ ही मिर्च की उन्नत उत्पादन प्रौद्योगिकी पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. दीपक राजपुरोहित, आचार्य, पी.एच.टी. ने मसाला फसलों में प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन पर चर्चा की। सह-परियोजना प्रभारी डा. बी.जी. छीपा ने मसाला फसलों के उन्नत उत्पादन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। श्री शंकर लाल नकवाल ने मसाला फसलों की जैविक खेती पर विस्तृत जानकारी दी। प्रषिक्षण के अन्त में डा. उर्मिला सह-परियोजना प्रभारी ने फसलों में समन्वित पोषक तत्त्वों के प्रबन्धन पर चर्चा करते हुए धन्यवाद प्रेक्षित किया। प्रशिक्षण में कुल 40 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया जिन्हें विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि कलेण्डर एवं नर्सरी मे विकसित मिर्च की पौध वितरित की गई।