उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर के कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ को जल संरक्षण एवं शुष्क क्षेत्रीय कृषि के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए “नेशनल अवार्ड फॉर एरिड-ज़ोन हाइड्रो-एग्रोनॉमी एंड वॉटर हार्वेस्टिंग” से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान नई दिल्ली में आयोजित ब्लू इकोनॉमी समिट-2026 के अवसर पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड एनवायरनमेंट तथा वर्ल्ड इंस्टीट्यूट ऑफ ब्लू इकोनॉमी द्वारा प्रदान किया गया। डॉ. धाकड़ ने किसानों के लिए जल संरक्षण आधारित कृषि पद्धतियों, माइक्रो इरिगेशन, वर्षा जल संचयन संरचनाओं तथा संसाधन संरक्षण तकनीकों के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. धाकड़ को यह सम्मान शुष्क क्षेत्रों में जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, वर्षा जल संचयन तकनीकों के विकास एवं प्रसार, जल उपयोग दक्षता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीली कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. धाकड़ वर्तमान में एमपीयूएटी, उदयपुर के माध्यम से “जल संरक्षण एवं खेत बचाओ अभियान” को किसानों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके इस सम्मान से विश्वविद्यालय एवं प्रदेश के कृषि समुदाय में हर्ष की लहर है।
डॉ. धाकड़ को प्राप्त इस राष्ट्रीय सम्मान पर विश्वविद्यालय परिवार, कृषि वैज्ञानिकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा प्रदेश के कृषि समुदाय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। यह उपलब्धि न केवल एमपीयूएटी, उदयपुर बल्कि सम्पूर्ण राजस्थान के लिए गौरव का विषय है।