उदयपुर । कृषि विज्ञान केन्द्र, चित्तौरगढ़ द्वारा खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत ग्राम लक्ष्मीपुरा, गंगरार में कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन के संबंध में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. रतन लाल सोलंकी वैज्ञानिक, कृषि विज्ञानं केंद्र, चित्तौरगढ़ ने किसानों को खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखने, जल संरक्षण तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कृषि विज्ञान केन्द्र, चित्तौड़गढ़ के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन (INM), मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक प्रयोग, जैविक एवं रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा फसल उत्पादकता बढ़ाने हेतु उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। डॉ. सोलंकी ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग एवं समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में लगभग 56 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा कृषि संबंधी विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से चर्चा कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़कर मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं कृषि उत्पादकता में वृद्धि को बढ़ावा देना था। खेत बचावो अभियान मे सहायक कृषि अधिकारी कान सिंह, कृषि पर्यक्षक लाड शर्मा, पंचयात प्रशासक नन्द लाल एवं प्रगत्तीशील किसान मांगीलाल रेगर आदि उपस्थित थे