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ड्रोन एवं प्री वायु सैनिक प्रशिक्षण के साथ एनसीसी शिविर शुरू : विंग कमांडर नटराज डागुर

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11 Jun 26
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ड्रोन एवं प्री वायु सैनिक प्रशिक्षण के साथ एनसीसी शिविर शुरू : विंग कमांडर नटराज डागुर

उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) के संघटक सीटीएई कॉलेज, उदयपुर में एनसीसी निदेशालय, राजस्थान के तत्वावधान में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC) का सफलतापूर्वक संचालन जारी है। यह कैंप 11 जून से 20 जून तक चलेगा। शिविर के प्रथम दिन विभिन्न गतिविधियों का आयोजन उत्साहपूर्वक हुआ तथा कैडेटों ने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं सैन्य प्रशिक्षण के प्रति विशेष रुचि दिखाई। इस शिविर के अंतर्गत प्री वायु सैनिक कैंप-1 तथा ड्रोन प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे कैडेटों को आधुनिक तकनीकी एवं सैन्य प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त हो रहा है।

शिविर में राजस्थान निदेशालय के विभिन्न समूहों से लगभग 600 कैडेट भाग ले रहे हैं। इनमें थल सेना, नौसेना एवं वायु सेना विंग के 60 चयनित कैडेट विशेष ड्रोन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जबकि लगभग 100 कैडेट प्री वायु सैनिक कैंप-1 में भाग लेकर आगामी अखिल भारतीय वायु सैनिक शिविर के लिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, थल सेना विंग के 440 कैडेट संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में भाग लेते हुए विभिन्न सैन्य गतिविधियों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

कैंप के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर नटराज डागुर ने सीटीएई कॉलेज एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर (डॉ.) मनोज कुमार महला, अधिष्ठाता प्रोफेसर (डॉ.) सुनील जोशी एवं केयर टेकर ऑफिसर राम नारायण कुम्हार का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना एवं राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिविर के दौरान कैडेटों को रेंज फायरिंग, स्कीट शूटिंग, ड्रिल, मार्चिंग, टेंट पिचिंग, मैप रीडिंग, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व कौशल, आपदा प्रबंधन, एयरो मॉडलिंग तथा विमान संचालन से संबंधित तकनीकी विषयों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। ड्रोन प्रशिक्षण के अंतर्गत कैडेटों को ड्रोन तकनीक, संचालन, सुरक्षा मानकों एवं इसके विभिन्न उपयोगों की व्यावहारिक जानकारी भी दी जा रही है।

शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेटों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, तकनीकी दक्षता एवं सैन्य कौशल का विकास करना है, ताकि वे भविष्य में सशस्त्र सेनाओं तथा अन्य राष्ट्रीय सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान दे सकें। शिविर के दौरान स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था पैसिफिक हॉस्पिटल, उदयपुर द्वारा की गई है, जिससे सभी कैडेटों को आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

कैंप में भाग ले रहे कैडेटों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है तथा आगामी दिनों में विभिन्न प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रशिक्षण गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।


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