जम्मू। उत्तर रेलवे के नव स्थापित जम्मू मंडल में कश्मीर घाटी के आर्थिक परिदृश्य को बदलने और यहां के प्रसिद्ध फल उद्योग एवं पार्सल व्यापार को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य ने की।
जम्मू मंडल के जनसंपर्क निरीक्षक श्री राघवेंद्र सिंह ने बताया कि इस बैठक में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जम्मू श्री उचित सिंघल व कश्मीर के पार्सल व्यापारियों, प्रमुख फल उत्पादकों और प्रमुख कार्गाे एग्रीगेटर्स ने भाग लिया। इस व्यापक चर्चा का मुख्य उद्देश्य कश्मीर की अर्थव्यवस्था को रेल की गति देना रहा।
बैठक का मुख्य उद्देश्य कश्मीर क्षेत्र से पार्सल ट्रैफिक बढ़ाने के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार करना था। विशेष रूप से चौरी और अन्य फल उत्पादों के परिवहन के लिए रेल मार्ग को सड़क मार्ग के मुकाबले एक अधिक विश्वसनीय, समयबद्ध और किफायती विकल्प के रूप में स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें मुख्य बिंदु पार्सल ट्रेन की ऑक्युपेंसी बढ़ाने पर चर्चा हुई, यह ट्रेन बड़गाम से सुबह 06.15 बजे रवाना होकर, बाड़ी ब्राह्मण व अंबाला कैंट होते हुए, अगले दिन सुबह 05.30 आदर्श नगर दिल्ली पहुंचती हैं, जिससे व्यापारियों को अपने माल की डिलीवरी सही समय में मिलती हैं। छोटे व्यापारियों और उत्पादकों की सुविधा के लिए कार्गाे एग्रीगेटर्स के साथ मिलकर काम करने पर सहमति बनी। इससे छोटे पार्सल लोड को भी आसानी से एकीकृत कर ट्रेनों के माध्यम से भेजा जा सकेगा।
बैठक में बडगाम, श्रीनगर और पामपुर रेलवे स्टेशनों पर लोडिंग सुविधाओं को अपग्रेड करने की योजना साझा की गई।
रेलवे ने पार्सल ट्रैफिक बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धी दरों और थोक बुकिंग करने वाले एग्रीगेटर्स के लिए विशेष छूट योजनाओं के प्रस्ताव पर चर्चा की।
बैठक में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री उचित सिंघल ने बताया कि कश्मीर के उत्पाद वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान रखते हैं। हमारा लक्ष्य एक ऐसी सुव्यवस्थित सप्लाई चेन बनाना है, जहाँ कश्मीर का किसान और व्यापारी बिना किसी देरी के अपना माल कन्याकुमारी तक भेज सके। रेलवे केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि का भागीदार है।