जम्मू। शनिवार 2 मई को जम्मू से श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन से एक नए युग की शुरुआत हैं जो कि आधुनिक रेल यात्रा और ‘‘मेक इन इंडिया’’ संकल्प की एक बड़ी जीत है।
जम्मू मंडल के जनसम्पर्क निरीक्षक श्री राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि जम्मू मंडल के इतिहास में शनिवा को एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। जम्मू से श्रीनगर के बीच चलने वाली देश की पहली जम्मू-श्रीनगर व श्रीनगर से जम्मू चलने वाली वंदे ट्रेन संख्या भारत एक्सप्रेस ने अपने पहले व्यावसायिक परिचालन के दिन लगभग 70 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी के साथ अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की है। अपने पहले दिन ट्रेन संख्या 26401 जम्मू से श्रीनगर बीच लगभग 940 लोगों ने सफर किया। वहीं दूसरी वंदे भारत ट्रेन संख्या 26403 जम्मू से श्रीनगर 995 लोगों ने यात्रा पूर्ण की। वहीं अगर वापसी में ट्रेन संख्या 26404/26402 में श्रीनगर से जम्मू तक लगभग 1990 से अधिक लोगों ने अपनी यात्रा का आनंद उठाया।
यह ट्रेन न केवल अपनी रफ्तार और सुविधाओं के लिए, बल्कि कश्मीर घाटी को शेष भारत से बारहमासी रेल संपर्क प्रदान करने की अपनी क्षमता के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी। वंदे भारत ट्रेन की मुख्य उपलब्धियाँ और विशेषताएं इस प्रकार हैं। 30 अप्रैल 2026 को माननीय केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद 2 मई 2026 से इस ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू हुआ। यह अत्याधुनिक ट्रेन जम्मू और श्रीनगर के बीच की दूरी को मात्र 4 घंटे 45 मिनट में पूरा करती हैं। जिससे यात्रियों के कीमती समय की भारी बचत होगी।
पहले दिन ट्रेन की लगभग 70 प्रतिशत सीटें बुक रहीं, जो यात्रियों के बीच इस सेवा की भारी लोकप्रियता और भरोसे को दर्शाता है। यह वंदे भारत ट्रेन ‘‘विंटराइजेशन’’ तकनीक से लैस है, जो इसे शून्य से नीचे के तापमान और भारी बर्फबारी में भी सुचारू रूप से चलने में सक्षम बनाती है। इसमें पाइपलाइनों को जमने से रोकने के लिए विशेष ‘‘हीटिंग केबल्स’’ और पानी के टैंकों में 1800 के सिलिकॉन हीटिंग पैड लगाए गए हैं। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) प्रोजेक्ट का हिस्सा यह ट्रेन दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज से गुजरते हुए घाटी के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगी।