जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसान, मजदूर, महिला और युवाओं के सशक्तीकरण के लिए कार्य कर रहे हैं। इनके सशक्त बनने से देश और प्रदेश विकसित बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने माता-बहनों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं भी चलाई हैं।
मुख्यमंत्री शनिवार को बगरू के ठिकरिया गांव में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान से लिंगानुपात में सुधार के साथ ही सामाजिक परिवर्तन आया। घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं को सम्मान व सुरक्षा मिली। उज्ज्वला योजना के माध्यम से गैस सिलेंडर तथा हर घर नल से जल पहुंचाने का कार्य किया। जन-धन योजना के माध्यम से बैंक खाते खुलवाकर योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया गया।
*मुख्यमंत्री ईवी बस से पहुंचे ठिकरिया गांव, ईंधन बचत का दिया संदेश*
*_मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बगरू के ठिकरिया गांव में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री निवास से इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) बस से पहुंचे। मुख्यमंत्री के साथ विभिन्न विभागों एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी यात्रा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचत की अपील पर मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन आधारित ईवी बस से यात्रा कर आमजन को ग्रीन मोबिलिटी, ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छ परिवहन का प्रेरक संदेश दिया।_*
उन्होंने कहा कि 27 अप्रेल को प्रदेशभर में ग्राम विकास रथों को भेजा गया था। इनके माध्यम से डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 के आयोजन की जानकारी दी गई। वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ईंधन बचत के आह्वान पर ग्राम-2026 के आयोजन को फिलहाल के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक ईंधन खर्च से बचना चाहिए और साझा वाहन उपयोग की आदत विकसित करनी चाहिए, क्योंकि ईंधन की बचत आर्थिक बचत से भी जुड़ी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के लिए काम कर रही है। यशस्वी प्रधानमंत्री ने किसानों को 6 हजार रुपये सम्मान निधि देने का काम किया है। साथ ही, राज्य सरकार की ओर से भी अतिरिक्त 3 हजार रुपये की सम्मान निधि देने से यह राशि 9 हजार रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए प्रदेश में मंडियां और गोदाम खोले हैं। स्थानीय उपज के अनुसार प्रोसेसिंग यूनिट लगने से किसान आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा। उन्होंने किसानों से आधुनिक एवं जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में विकास का रोडमैप बनाया। सबसे पहले पानी की आवश्यकता को देखते हुए रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंगनहर, विभिन्न बांध एवं नदी सहित महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। वहीं, ऊर्जा उत्पादन एवं आपूर्ति को सुदृढ़ बनाकर 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। साथ ही, प्रदेश में जल संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती और पशुपालन आपस में जुड़े हुए हैं। इसलिए हमारी सरकार ने गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना प्रारंभ की है। इसके तहत पशुपालकों को 1.50 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। डेयरी क्षेत्र में दूध संकलन केन्द्रों के साथ ही प्रसंस्करण केन्द्रों की क्षमता में वृद्धि की जा रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को भी मजबूत बनाते हुए 10 लाख नए सदस्य जोड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान शुरू कर गांवों व शहरों के विकास का रोडमैप बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया। जिसके तहत हुए एमओयू धरातल पर तेजी से उतर रहे हैं, इससे युवाओं को रोजगार मिल रहा है। साथ ही, स्वरोजगार के लिए युवाओं को ऋण उपलब्ध करवा रहे हैं। वहीं, प्रदेश में सवा लाख से अधिक युवाओं को सरकारी पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं। 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं तथा सवा लाख पदों पर भर्तियों का कैलेंडर भी जारी किया है। उन्होंने कहा कि गत सरकार में युवाओं के सपनों पर कुठाराघात हुआ, लेकिन हमारी सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने की महत्वपूर्ण पहल की। हमारी सरकार प्रदेश में मा वाउचर योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को मुफ्त सोनोग्राफी की सुविधा दे रही है। बालिकाओं को साइकिल एवं स्कूटी वितरित की जा रही हैं। वहीं, प्रदेश में राजीविका के माध्यम से 22 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और 17.5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
*मुख्यमंत्री का राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद*
मैं वर्ष 2018 में एसएचजी से जुड़ी और धीरे-धीरे अनेक जिम्मेदारियां निभाई। वर्ष 2021 में हमारा सीएलएफ बना। फिलहाल हमारे यहां 272 स्वयं सहायता समूह, 27 ग्राम संगठन हैं, जिनसे 3500 महिलाएं जुड़ी हैं। इनमें से 1500 महिलाएं आज लखपति दीदी बन गई हैं। राजीविका की मदद से हम घर और गांव से बाहर निकलकर आर्थिक रूप से सक्षम बनी हैं। हमारे समूहों की महिलाएं सैनेटरी नैपकिन, बगरू प्रिंट, अन्नपूर्णा रसोई और बर्तन बैंक क्षेत्र में काम कर रही हैं। मेरी सालाना आय 10 लाख रुपये से अधिक है, जिससे मैं अब मिलेनियर दीदी बन गई हूं।
*- इंद्रा शर्मा*
मैं वेस्ट सामग्री को रिसाइकिल कर पेपर बनाने का कार्य करती हूं। हमारे गांव में 13 एसएचजी हैं। राजीविका की मदद से हम पेपर प्रोडेक्ट बनाने का कार्य कर पा रहे हैं। हम सालाना 10 से 12 लाख रुपये का व्यापार कर रहे हैं, जिसमें से 5-6 लाख रुपये की बचत हमें हो रही है।
*- कोमल शर्मा*
ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा, विधायक कैलाश वर्मा, जिला प्रमुख रमा देवी चौपड़ा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।