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जनकल्याणकारी योजनाओं से हो रहा आमजन का कल्याण

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01 Apr 26
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जनकल्याणकारी योजनाओं से हो रहा आमजन का कल्याण

श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनरूप माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार विकसित भारत एवं विकसित राजस्थान के संकल्प को सिद्धि की ओर ले जा रही है। चाहे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में एक कदम आगे बढ़ाते हुए सम्मान राशि को 6 हजार रुपए से 9 हजार रुपए करना हो या विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम। राजस्थान सरकार गांव और किसान को सुदृढ़ और समृद्ध करने का कार्य कर रही है।
हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी की गई, जिसके तहत प्रदेश के 66 लाख 76 हजार से अधिक किसानों के खातों में 1 हजार 355 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी हस्तान्तरित की गई है। खास बात ये है कि जहां देश में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में कुल 6 हजार रुपए की राशि किस्तों में हस्तांतरित की जा रही है। वहीं राजस्थान में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत यह राशि 3 हजार रुपए बढ़ाकर किसानों को दी जा रही है। यानी प्रदेश के किसानों को कुल 9 हजार रुपए सम्मान निधि के रूप में प्राप्त हो रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने किसानों से वादा किया है कि इस सम्मान निधि की राशि को चरणबद्ध रूप से 12 हजार रुपए तक बढ़ाया जाएगा, जो किसानों के प्रति राज्य सरकार के सम्मान को दर्शाता है।
आर्थिक संबल देने के साथ ही राज्य सरकार की ओर से किसानों को रिस्क फ्री कृषि और पशुपालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 में कृषि बजट 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये रखा गया है। प्रदेश में गेहूं के समर्थन मूल्य खरीद पर 150 रुपये के अतिरिक्त बोनस का प्रावधान है। वहीं अब तक 78 लाख से अधिक किसानों को 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही फसल बीमा योजना में खराबे पर 6 हजार 473 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम राज्य में वितरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की बात की जाए, तो 16 लाख से अधिक पशुओं की निशुल्क बीमा पॉलिसी जारी की गई है, वहीं 536 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन गांवों में सेवा दे रहे हैं। राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में पशुपालकों को 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है।
केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं राजस्थान में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गांवों को आधुनिकीकरण के साथ मजबूत कर रही है। इसी क्रम में विकसित भारत-रोज़गार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम ग्रामीण रोजगार की दिशा में किया गया एक महत्वपूर्ण बदलाव है। क्योंकि डिजिटाइजेशन के युग में पूर्ण जवाबदेही के साथ ग्रामीण आजीविका सुनिश्चित करना भविष्य के लिए नींव को मजबूत करना है।
विकसित भारत-रोज़गार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी को प्रति ग्रामीण परिवार बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। इसमें ग्रामीण परिसंपत्तियों के टिकाऊ एवं उत्पादक कार्यों (जैसे जल सुरक्षा एवं जल से संबंधित कार्य, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना से जुड़े कार्य, आजीविका संबंधी अवसंरचना से संबंधित कार्य, प्रतिकूल मौसमी घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्य) पर जोर दिया गया है। ताकि ग्रामीण रोजगार ना केवल सुरक्षित आय प्रदान करे, बल्कि टिकाऊ आजीविका, सुदृढ़ परिसंपत्तियों एवं दीर्घकालिक ग्रामीण समृद्धि में भी योगदान दे।
सबसे खास बात यह है कि बुवाई और कटाई के सीजन के दौरान जब खेतों में मजदूरों की आवश्यकता ज्यादा होती है, तब मजदूर यह कार्य कर सकेंगे। इसके लिए एक वित्तीय वर्ष में कुल 60 दिनों की समेकित विराम अवधि अधिसूचित की गई है। जिसके तहत श्रमिकों को मिलने वाले कुल 125 दिनों के रोजगार का अधिकार यथावत बना रहेगा, जो शेष अवधि में पूर्ण किया जा सकेगा। इस महत्वपूर्ण बदलाव से कृषि उत्पादकता और श्रमिकों के हितों के बीच संतुलित समायोजन सुनिश्चित संभव हो रहा है।
जब किसान की समृद्धि होगी, तभी गांव मजबूत बन सकेंगे और गांव के विकास के साथ ही राज्य और राष्ट्र को विकसित करने की नींव रखी जा सकेगी। ऐसे में सरकार की ओर से उठाए जा रहे महत्वपूर्ण कदम भविष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। 


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