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मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य बन रहा ‘हरियालो राजस्थान‘

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08 Apr 26
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मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य बन रहा ‘हरियालो राजस्थान‘

श्रीगंगानगर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश के सतत विकास के साथ हरित राजस्थान एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान से प्रेरणा लेकर राजस्थान में श्री शर्मा के विजन से ‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान‘ के जरिए भावी पीढ़ी के लिए प्राकृतिक संपदा में बढ़ोतरी की जा रही है। इस कार्य को साकार करने के लिए मल्टी सेक्टोरल प्रोग्राम के रूप में शुरू किया गया मिशन हरियालो राजस्थान अहम कड़ी साबित हो रहा है।
श्री शर्मा के दिशा-निर्देशन में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान के तहत 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधारोपण किया जाएगा। वर्ष 2024 के मानसून में 7 करोड़ पौधारोपण के लक्ष्य से अधिक 7.22 करोड़ पौधारोपण किया गया। इसी प्रकार वर्ष 2025 के मानसून में भी 10 करोड़ पौधारोपण के लक्ष्य के मुकाबले 11.74 करोड़ से अधिक पौधारोपण किया गया। इस प्रकार पिछले 2 वर्षों में लगभग 19 करोड़ पौधारोपण किया जा चुका है। इस महाअभियान में विभिन्न प्रजातियों के फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधे लगाए गए हैं। इस उपलब्धि से प्रदेश में जैव विविधता का संरक्षण भी हो रहा है।
इसी प्रकार श्रीगंगानगर जिले में इस वर्ष 27 लाख से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य आवंटित हुआ है। इसके तहत समस्त विभागों के साथ-साथ वन विभाग द्वारा जिले में वृहद स्तर पर अभियान के तहत पौधारोपण एवं संरक्षण किया जायेगा। मुख्यमंत्री के निर्देशन में राज्य के समस्त जिला मुख्यालयों पर ‘नमो नर्सरी‘ की स्थापना और प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर चरणबद्ध रूप से ‘नमो वन‘ विकसित करने के कार्य को वन एवं पर्यावरण विभाग प्रतिबद्धता से पूरा कर रहा है। वहीं उदयपुर, सिरोही और बांसवाड़ा में चंदन वन की स्थापना के लिए जरूरी कदम भी उठाए जा रहे हैं। इसी प्रकार श्री शर्मा की मंशा के अनुरूप राजस्थान को हरित प्रदेश बनाने एवं पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए वर्ष 2025-26 में राज्य का पहला ‘हरित बजट‘ भी प्रस्तुत किया गया था।
मिशन हरियालो राजस्थान के तहत राजस्थान में मानसून सीजन से पहले ही पौधारोपण के लिए स्थान का चयन, फेंसिंग, खड्डे, नर्सरियों से पौधों की व्यवस्था की जाती है, जिसके पश्चात राज्य सरकार के हितधारक विभागों और जनसहभागिता से पौधारोपण के कार्य को किया जाता है। जिओ टैगिंग के माध्यम से पौधों के संधारण एवं संरक्षण के काम को भी बखूबी किया जा रहा है। इसमें राज्य सरकार की ओर से बनाए गए वन मित्र एवं वृक्ष मित्र अहम भूमिका निभा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विजन से राजस्थान की धरती को हरा-भरा बनाने के लिए चलाए जा रहे इस मिशन हरियालो राजस्थान ने अब जन आंदोलन का रूप ले लिया है। राज्य सरकार ने आगामी मानसून सीजन में भी 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा है। 


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