श्रीगंगानगर। राजस्थान सरकार की जन भावना के अनुरूप पारदर्शी एवं संवेदनशील वातावरण में आमजन की परिवेदनाओं, समस्याओं की सुनवाई एवं त्वरित समाधान के लिये जिला स्तरीय जनसुनवाई और जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक गुरूवार को कलेक्ट्रेट के वीसी रूम में हुई। इस दौरान जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने आमजन की परिवेदनाओं की सुनवाई करते हुए विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध रूप से निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप पीड़ित को राहत व संतुष्टि दिलवाना सुनिश्चित करें। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त 96 प्रकरणों पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये। इस दौरान गंगानगर विधायक श्री जयदीप बिहाणी एवं जिला प्रमुख श्री दुलाराम इंदलिया भी मौजूद रहे।
जनसुनवाई के दौरान अनूपगढ़ निवासी श्री मांगीलाल के रास्ता विवाद प्रकरण में कार्यवाही के लिये जिला कलक्टर ने एसडीएम को निर्देश दिये। इसी तरह नगर विकास न्यास के प्रकरण में कार्यवाही के लिये सचिव, खातेदारी प्रकरण में कार्यवाही के लिये सादुलशहर एसडीएम, जमाबंदी रिकाॅर्ड में सिंचाई खाला दर्ज करने के प्रकरण में राजस्व अधिकारी, साधुवाली सरपंच के विरूद्ध अतिक्रमण की शिकायत की जांच के लिये जिला परिषद सीईओ, इंतकाल दर्ज करने के प्रकरण में तहसीलदार श्रीगंगानगर, उचित मूल्य दुकान आवंटन के प्रकरण में कार्यवाही के लिये रसद विभाग को निर्देशित किया गया।
इससे पूर्व जिला सतर्कता समिति की बैठक में समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाये और संपर्क पोर्टल पर ज्यादा अवधि तक प्रकरण लम्बित नहीं रहें। प्राप्त प्रकरणों का आगामी जनसुनवाई से पूर्व निस्तारण करें। राज्य सरकार की मंशा के अनुसार जिला स्तरीय और उपखण्ड स्तरीय अधिकारी आमजन की परिवेदनाओं का समुचित निस्तारण करना सुनिश्चित करें। नियमित रूप से जनसुनवाई करते हुए संपर्क पोर्टल पर आने वाले प्रकरणों का भी निर्धारित समयावधि में निस्तारण करें।
इस अवसर पर एडीएम सतर्कता श्रीमती रीना, जिला परिषद सीईओ श्री गिरधर, श्रीमती नीलम, श्रीमती स्वाति गुप्ता, सहायक निदेशक लोक सेवाएं श्री ऋषभ जैन, श्री भीमसेन स्वामी, श्री वीरेन्द्र पाल सिंह, डाॅ. अजय सिंगला, श्री संजय गर्ग, श्री विजय शर्मा, श्रीमती कविता सिहाग, श्री नेमीचंद वर्मा, श्री महीपाल माली, श्री राकेश कुमार, श्री मनोज मोदी, श्री शिवचरण मीणा सहित अन्य मौजूद रहे जबकि उपखंड स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।