श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डाॅ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरीशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत चक महाराजका राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं ग्रामीण युवाओं ने बडी संख्या में भाग लिया। कार्यशाला के दौरान युवाओं को नशे के दुष्परिणामों, मानसिक प्रभावों तथा परिवार और समाज पर पड़ने वाले गंभीर असर के बारे में जागरूक किया गया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि “नशे के कारण की गई गलतियां इंसान को अंदर से तोड़ देती हैं। यह सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं गिराती, बल्कि उसके माता-पिता के सपनों और सम्मान को भी चोट पहुंचाती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि आज का समय चुनौतियों से भरा है, लेकिन परिस्थितियां कभी भी किसी की सफलता तय नहीं करतीं। असली ताकत इंसान की “मन की स्थिति” होती है। अभी परिस्थितियां विपरीत हो सकती हैं, लेकिन यदि आपका मन मजबूत है, सोच सकारात्मक है और सपनों के लिए जुनून जिंदा है, तो हर मुश्किल को बदल सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान कई भावनात्मक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया गया कि नशा धीरे-धीरे सपनों, आत्मविश्वास और परिवार की खुशियों को खत्म कर देता है। वक्ताओं ने कहा कि शुरुआत अक्सर मजाक, शौक या दोस्तों के दबाव से होती है, लेकिन बाद में वही आदत जिंदगी की सबसे बड़ी मजबूरी बन जाती है। श्री विक्रम ज्याणी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन का लक्ष्य तय करें और अपने माता-पिता के संघर्ष को कभी न भूलें।
कार्यशाला में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ दिलाई और साइबर सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के लिए युवाओं को जागरूक किया। भारत सरकार की ओर से जारी मानस हेल्पलाइन 1933 की जानकारी देते हुए बताया कैसे आप इससे मदद ले सकते हैं और शिकायत कर सकते हैं।