राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत राज्य वार्षिक कार्ययोजना वर्ष 2025-26 के तहत आयुर्वेद विभाग, जिला उदयपुर द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) केंद्रों पर कार्यरत योग प्रशिक्षक (महिला) को आयुष मित्र के रूप में क्रमोन्नत करने हेतु दो दिवसीय जिला स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आज दिनांक 02 जनवरी 2026 को सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र, क्षेत्रीय केंद्र, हवाला खुर्द, शिल्पग्राम-बड़ी रोड, उदयपुर में किया गया।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य योग प्रशिक्षकों के ज्ञान, कौशल एवं कार्यक्षमता में वृद्धि कर उन्हें आयुष सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सक्षम बनाना है, ताकि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से आमजन को योग एवं आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकतम लाभ प्रदान किया जा सके।
उद्घाटन समारोह एवं प्रशिक्षण विवरण
प्रशिक्षण के उद्घाटन समारोह में आयुर्वेद विभाग, उदयपुर संभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. महेश गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि आयुष मित्र की भूमिका समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, जीवनशैली रोगों की रोकथाम तथा योग एवं आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयुष मानव संसाधन को सशक्त बनाते हैं।
कार्यक्रम में उपनिदेशक (आयुर्वेद) उदयपुर डॉ. राजीव भट्ट, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शोभालाल औदिच्य एवं सहायक निदेशक (आयुर्वेद) उदयपुर डॉ. भानु कुमार जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण सत्रों में रिसोर्स पर्सन डॉ. लोकेश पांचाल, डॉ. केशव गुप्ता, डॉ. अक्षा कंवर, डॉ. दिलीप मीना एवं डॉ. राकेश बघेला द्वारा योग, आयुर्वेदिक सिद्धांत, सामुदायिक स्वास्थ्य, आयुष मित्र की भूमिका एवं जनस्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला उदयपुर एवं सलूंबर से कुल 73 महिला प्रतिभागियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आयुष सेवाओं का प्रभावी संचालन कर सकें और जनस्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।