उदयपुर | मुस्कान क्लब के सभागार में संरक्षक श्रीमती कौशल्या गट्टानी की अध्यक्षता में आयोजित नववर्ष 2026 के प्रथम साप्ताहिक विशेष कार्यक्रम में श्रीमती संगीता सोधी द्वारा की गई ईश्वर वंदना के बाद मंच संचालन का दायित्व के.के. त्रिपाठी ने संभाला। उन्होंने सदस्यों को आज की थीम "भजन एवं दार्शनिक गीत" के अनुरूप अपनी प्रस्तुतियाँ देने के लिए आमंत्रित किया।
मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया की बीस सदस्यों ने एक से बढ़ कर एक प्रस्तुति देकर सभी को सुर में सुर मिला गाने को मजबूर किया | सर्वप्रथम नीलिमा रानी बेस ने "लागा चुनरी में दाग", रजनी जोशी ने "मेरे लाडले गणेश", कमल सोधी ने "सर्दी", उम्मेद सिंह दुलावत ने "गणपति", नलिनी बंधु ने "मोर छड़ी", उषा इंटोदिया ने "गौरा दुल्हनियां", भगवती इंद्रावत ने "नया साल", दलपत कुम्मत ने "है प्रभु", नरेन साहू ने "बांके बिहारी", सपना वर्मा ने "खुशियाँ मनाओ", अमर माथुर ने "मनिहारी का वेश", जनक बांगड़ ने "राधा रानी", अरुण चौबीसा ने "वृंदावन चढ़ के", कुसुम लता त्रिपाठी ने "प्रभु तुम", अशोक जोशी ने "आदमी जो कहता है" तथा उषा कुमावत ने "गोविंद हीरो" की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं।
शेष प्रस्तुतियों से पूर्व अध्यक्ष श्रीमती कौशल्या गट्टानी ने कार्यकारिणी एवं सदस्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की तथा नववर्ष में और अधिक आकर्षक कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह दी। उन्होंने अयोध्या आदि धार्मिक यात्राओं के संबंध में भी चर्चा की। श्री सूरज मल पोरवाल ने "वक्त की शाख से" कविता का पाठ करते हुए पिकनिक एवं धार्मिक यात्राओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रातःकालीन एवं शनिवारीय कार्यक्रमों में नियमित आने वाले सदस्यों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि उसके अनुरूप आगे के कार्यक्रम निर्धारित किए जा सकें। श्री के.के. त्रिपाठी ने प्रातःकालीन एवं सायंकालीन गतिविधियों में भाग लेने वाले सदस्यों से साप्ताहिक कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया। अंत में एम.पी. माथुर ने "एरी योतो माखन" तथा श्री के.के. त्रिपाठी ने "माटी के पुतले" की प्रस्तुतियाँ दीं। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई।