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भारत भूमि और धर्म शाश्वत-सनातन है: निम्बाराम

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15 Feb 26
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भारत भूमि और धर्म शाश्वत-सनातन है: निम्बाराम

उदयपुर। सर्व हिन्दू समाज पंचवटी बस्ती द्वारा हिन्दू सम्मेलन का आयोजन महाशिवरात्रि को प्रात: फील्ड क्लब में आयोजित हुआ। पार्थिव शिवलिंग पूजन व धर्म सभा का आयोजन किया गया। अंत में भारत माता की सामूहिक आरती हुई।

धर्म सभा में संत स्वामी विशोकानन्द भारती जी महाराज का सानिध्य रहा। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम रहे। विशिष्ट अतिथि सपना भार्गव रही।

धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता निम्बाराम ने कहा कि भारत के विस्तृत भू-भाग की रचना देवताओं द्वारा की गई है। भारत की भूमि और धर्म दोनो ही सनातन-शाश्वत है। भारत को एक प्राकृतिक राष्ट्र कहा है। हम आध्यात्म, समृद्धि व ज्ञान-विज्ञान के बल पर विश्व में पहचाने गये। निरंतर साधना के बल पर राष्ट्र के गौरव का निर्माण हुआ।

उन्होंने कहा कि रक्तरंजित आक्रमणों के बीच हिन्दू समाज ने अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष किया। इस दौरान अनेक कुरीतियों ने भी समाज में स्थान बना लिया। ऐसे में आत्मविस्मृत व विभाजित समाज को संगठित करने का संकल्प स्वतंत्रता सेनानी डॉ हेडगेवार ने लिया और संघ की स्थापना की। राष्ट्र को पराधीनता से मुक्त करवाने के लिए उन्होंने समाज को संगठित एवं सामर्थ्य के अनुसार जाग्रत करना आवश्यक समझा।

उन्होनें कहा कि हिन्दू एक जीवन पद्धति है। हिन्दू जीवन मुल्य को जीने वाले जैन, बौद्ध, सिख, शैव, शाक्त, वैष्णव, आर्यसमाजी, निरंकारी सहित विभिन्न पंथों में कभी आपसी विरोध नहीं रहा है। सभी करूणा व सर्वे भवन्तू सूखिन की कामना रखते है। यह हिन्दू समाज ही है जो प्राणियो में सद्भावना और विश्व के कल्याण का घोष लगाता है।
हमारी पुजा पद्धति भी प्रकृति केन्द्रित रही है। पीपल, वट, तुलसी, गौ, गंगा आदि पूजन के पीछे वैज्ञानिक व प्रकृति संरक्षण का आधार रहा है। एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक संस्कार को पहुंचाने में मातृशक्ति का योगदान रहा है। वार त्यौहार जब भी पूरा परिवार एक साथ आये तो उनमें अपने संस्कार, परंपरा व आध्यात्मिक विरासत पर चर्चा करनी चाहिए।

निम्बाराम ने कहा कि बंधुता से हम न्याय, समानता व स्वतंत्रता को प्रगाढ़ कर सकते है। संविधान, राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय प्रतीक सहित महापुरूषों का सम्मान करना नागरिक शिष्टाचार है। मेवाड़ वासियों के डीएनए में राष्ट्रभक्ति है। राष्ट्र सुरक्षित है तो हम सुरक्षित है। देश की सीमाएं व व्यापार सुरक्षित करना होगा। भारत मजबूत होगा तो एकमात्र देश है जो विश्व कल्याण की बात करेगा।

स्वामी विशोकानन्द भारती जी महाराज ने धर्म अनुरूप आचरण करने, गौसेवा करने और सामाजिक बंधुत्व पर जोर दिया। उन्होनें कहा कि धन के साथ धर्म भी कमाये।
विशिष्ट अतिथि सपना भार्गव ने संस्कार जीवन मूल्यों पर संबोधित किया और परिवार व्यवस्था को सुदृढ करने पर जोर दिया।

महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष में आयोजित 108 पार्थिव शिवलिंग पूजन पंडित देवराज शर्मा द्वारा करवाया गयाl 
समिति के अध्यक्ष राजेश खमेसरा ने आभार व्यक्त किया। संयोजक दिलीप सिंह राठौड़ ने संचालन किया। अंत में भोजन प्रसादी का आयोजन हुआ।

इस अवसर पर पूर्व कुलगरु प्रो भगवती प्रसाद शर्मा, प्रो कैलाश सोडाणी, कुलगुरू प्रो बीएल वर्मा, चंद्रसिंह कोठारी, लक्ष्मीकांत वैष्णव, किशोर पाहुजा, हेमंत गोखरू, भूपेंद्र श्रीमाली, उमेश मंगवानी, नरेंद्र खाब्या, डॉ नरेंद्र जोशी, अजेश सेठी, डॉ बलदीप, दीपक शर्मा, सुभाष सिंघवी, दीपक माथुर, दीपक मेहता, विष्णु स्वर्णकार, राजेंद्र कोठारी सहित कई प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।


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