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सांसद डॉ मन्नालाल रावत के प्रश्न पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने दी जानकारी

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14 Feb 26
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सांसद डॉ मन्नालाल रावत के प्रश्न पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने दी जानकारी

उदयपुर। मोदी सरकार की अभिनव प्रयोग और देश की 13 करोड़ आदिवासियों में संभावित सिकल सेल एनीमिया सिकल सेल एनिमिया जांच एवं उपचार के लिए देश में 17 सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं जिसमें राजस्थान में आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर एक है।
सांसद डॉ मन्नालाल रावत की ओर से संसद में पूछे गए प्रश्न पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने यह जानकारी दी। सांसद डॉ रावत ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक सिकल सेल रोग (एससीडी) के लिए जांच किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या, जांचों के आधार पर वाहक (सिकल मेल लक्षण) और रोगी (सिकल सेल रोग) के रूप में पहचाने गए व्यक्तियों की संख्या को लेकर प्रश्न किया था। साथ ही यह जानकारी मांगी कि क्या सरकार ने वर्ष 2025 के अंत तक सात करोड़ व्यक्तियों की जांच का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय सिकल मेल एनीमिया उन्मूलन मिशन (एनएससीएईएम) के अंतर्गत, प्रभावित 17 जनजातीय राज्यों में जिला अस्पतालों (डीएच) से लेकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) स्तर तक के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में 0-40 वर्ष के लक्षित आयु वर्ग के व्यक्तियों की सिकल सेल रोग (एससीडी) के निदान के लिए जांच की जाती है। सिकल सेल रोग पोर्टल के अनुमार 3 फरवरी 2026 तक देश के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में 6.83 करोड़ से अधिक व्यक्तियों की जांच की गई है। इस अवधि में कुल 2,37,981 व्यक्तियों को रोगग्रस्त और 19,32,500 व्यक्तियों को सिकल सेल रोग का वाहक पाया गया है। राजस्थान में 37 लाख 6 हजार 689 लोगों की जांच की गई जिनमें 2 हजार 885 रोगग्रस्त तथा 8 हजार 453 रोग वाहक पाए गए।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों में जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित सिकल मेल रोग संबंधी उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई) की स्थापना के लिए लागत मानदंड तैयार किए हैं। जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 15 राज्यों में 17 उत्कृष्टता केंद्रों को अनुमोदित किया गया है। राजस्थान के लिए आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर में सेंटर स्थापित किया गया है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से सिकल सेल रोग से पीड़ित रोगियों को उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए रोगग्रस्त व्यक्तियों की नियमित अंतराल पर निगरानी, जीवनशैली प्रबंधन, विवाह पूर्व और गर्भावस्था संबंधी निर्णयों के बारे में परामर्श, फोलिक एसिड की गोलियों के वितरण के माध्यम से पोषण संबंधी सहायता तथा योग और स्वास्थ्य संबंधी सत्रों का संचालन किया जा रहा है।
हाइड्रोक्सीयूरिया एनएचएम की अनिवार्य औषधि सूची में
दवाओं तक पहुंच की समस्या के समाधान के लिए हाइड्रोक्सीयूरिया को उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रो (सीएचसी) और डीएच में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की अनिवार्य औषधि सूची में शामिल किया गया है। यह मंत्रालय एनएचएम के अंतर्गत प्राम पीआईपी प्रस्तावों के आधार पर राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों की सिकल सेल एनीमिया की जांच और औषधि के प्रापण हेतु तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
 


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