उदयपुर। उदयपुर जिले के बच्चों के लिए आयोजित होने जा रहा ‘जयपुर बाल महोत्सव’ प्रेरणा और नवाचार का विशेष मंच बनकर सामने आया है। इस महोत्सव के तहत बच्चे अपनी रचनात्मक सोच के माध्यम से “झीलों की नगरी” उदयपुर को पारंपरिक पर्यटन छवि से आगे बढ़ाकर उद्यमिता और नवाचार के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत कर सकेंगे। अभियान का पोस्टर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा जारी किया गया।
डिजिटल बाल मेला संस्थापक जान्हवी शर्मा ने बताया कि महोत्सव में भाग लेने के लिए बच्चों को 2 से 3 मिनट का वीडियो तैयार करना होगा, जिसमें वे यह बताएँगे कि उदयपुर की झीलें, महल, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प और लोककला को किस प्रकार एक इंटीग्रेटेड बिज़नेस मॉडल में बदला जा सकता है। इसमें झील संरक्षण को सामुदायिक आधारित इको-एंटरप्राइज से जोड़ने, पारंपरिक मिनिएचर पेंटिंग को ग्लोबल डिजिटल ब्रांड बनाने और हेरिटेज वॉक को अनुभव आधारित सांस्कृतिक स्टार्टअप में विकसित करने जैसे विषय शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं में पर्यटन के प्रति नई सोच विकसित करना है, ताकि वे केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित न रहकर स्थानीय रोजगार, रचनात्मक उद्योग और टिकाऊ व्यापार के अवसरों को बढ़ावा दें।
पंजीकरण के लिए इच्छुक बच्चों को डिजिटल बाल मेला की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा या अपना वीडियो व्हाट्सएप नंबर 8005915026 पर भेजना होगा। चयनित प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय मंच पर प्रस्तुति का अवसर और विशेष सम्मान दिया जाएगा।
शर्मा ने कहा कि उदयपुर जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जिले में बच्चों की कल्पनाशील सोच भविष्य की दिशा तय कर सकती है। यदि नई पीढ़ी विरासत और व्यवसाय को साथ लेकर चले, तो झीलों की नगरी एक नए आर्थिक मॉडल की मिसाल बन सकती है।
इस पहल से उदयपुर के बच्चों में नवाचार, उद्यमिता और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।