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51 जोड़ों का बसेगा संसार: नारायण सेवा संस्थान में आज से दो दिवसीय दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह

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13 Mar 26
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51 जोड़ों का बसेगा संसार: नारायण सेवा संस्थान में आज से दो दिवसीय दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह

उदयपुर । नारायण सेवा संस्थान के सेवा महातीर्थ, बड़ी परिसर में दो दिवसीय 45वां नि:शुल्क दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह आज से शुरू हो गया। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए 51 जोड़े वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह बंधन में बंधेंगे और अपने नए जीवन की शुरुआत करेंगे।

समारोह के पहले दिन पारंपरिक विधि-विधान के साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विवाह समारोह में शामिल कई वर-वधू ऐसे भी हैं, जिनका निःशुल्क उपचार, ऑपरेशन, कृत्रिम अंग अथवा सहायक उपकरण संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि समारोह के दूसरे दिन सभी जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र अग्नि के सात फेरे लेकर दाम्पत्य जीवन में प्रवेश करेंगे। साथ ही नवदंपतियों को गृहस्थी के उपयोग की आवश्यक सामग्री भी भेंट की जाएगी। दो दिवसीय इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए अतिथि, समाजसेवी और दानदाता भी शामिल हो रहे हैं।

इन्हीं जोड़ों में एक जोड़ी मधु भोई और संतोष कुमार लोढ़ा की भी है, जिनकी कहानी संघर्ष और उम्मीद की मिसाल है। उदयपुर के शास्त्री नगर-खेमपुरा निवासी मधु भोई बाएँ पैर से दिव्यांग हैं, लेकिन उनके हौसले मजबूत हैं। वे शहर में संचालित एक ब्यूटी पार्लर में कार्य कर आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। परिवार में माता प्रेम बाई, भाई और चार बहनें हैं, जबकि पिता कन्हैया लाल का देहांत हो चुका है। सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के बावजूद मधु ने कभी हार नहीं मानी और अपने परिवार का सहारा बनी रहीं।

वहीं मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के नौलाना ग्राम निवासी संतोष कुमार लोढ़ा भी जीवन की कठिनाइयों से जूझते हुए आगे बढ़े हैं। जन्म के छह माह बाद उन्हें पैरालिसिस हो गया था, लेकिन पिता रमेश चंद्र और माता भागू बाई ने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया और उन्हें शिक्षा से जोड़े रखा। आज संतोष एक स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

दिव्यांगता और आर्थिक परिस्थितियों के कारण दोनों का विवाह लंबे समय तक नहीं हो पा रहा था। इसी दौरान एक कार्यक्रम में दोनों की मुलाकात हुई। एक-दूसरे के संघर्ष और आत्मविश्वास को समझते हुए दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और अंततः उन्होंने जीवनसाथी बनने का निर्णय लिया।

अब नारायण सेवा संस्थान के सामूहिक विवाह समारोह में मधु और संतोष सहित 51 जोड़े नए जीवन की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह आयोजन केवल विवाह नहीं, बल्कि उन सपनों के साकार होने का उत्सव है, जहां संघर्ष, आत्मनिर्भरता और सच्चे साथ के सहारे 51 नए परिवार बसने जा रहे हैं।
 


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