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सांसद डॉ रावत के प्रश्न पर जवाब: 40 हजार करोड़ से अधिक लागत से राजस्थान में 4 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण

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14 Mar 26
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सांसद डॉ रावत के प्रश्न पर जवाब: 40 हजार करोड़ से अधिक लागत से राजस्थान में 4 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण

उदयपुर। 40 हजार करोड़ से अधिक व्यय कर राजस्थान में 4 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण करवाया जा रहा है जिससे राज्य के 17 जिलों की सीमा होगी।
सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत की ओर से संसद में पूछे गए अतारांकित प्रश्न के जवाब में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने यह जानकारी दी। सांसद डॉ रावत ने देश में वर्तमान में निर्मित किए जा रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, राजस्थान में प्रस्तावित या निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की संख्या, भारतमाला परियोजना के अंतर्गत देश में राज्य-वार निर्मित या उन्नयन किए गए राष्ट्रीय राजमार्ग तथा गांवों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने वाली फीडर सड़कों पर सुरक्षित और सुविधाजनक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए कोई विशेष योजना के संबंध में प्रश्न किए थे।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि देश में 10,196 किलोमीटर की कुल लंबाई वाले 35 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पहुंच-नियंत्रित कॉरिडोर पूरे हो चुके हैं। राजस्थान राज्य में 40,520 करोड़ रुपये की लागत से 1,190 किलोमीटर की कुल लंबाई वाले 4 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कार्यान्वित किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारतमाला परियोजना के चरण को सरकार द्वारा वर्ष 2017 में देश भर में 34,800 किलोमीटर की लंबाई को कवर करने के लिए 5,35,000 करोड़ रुपये के अनुमानित परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई थी। इस कार्यक्रम के तहत, कुल 26,425 किलोमीटर की परियोजनाओं को आवंटित किया गया था और इसमें से फरवरी 2026 तक 22.223 किलोमीटर का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है।
अमृतसर-जामनगर कॉरिडोर भू-बद्ध क्षेत्रों (हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश) को गुजरात के प्रमुख समुद्री बंदरगाहों से जोड़ने वाली एक अभिन्न मार्ग के रूप में कार्य करेगा। इससे 2 एनएमपी केंद्र (बीकानेर और जोधपुर) और 3 पर्यटन केंद्र (बीकानेर, जोधपुर और बाड़मेर) सहित आर्थिक कैर्दाे को एकीकृत संपर्कता प्रदान करने की उम्मीद है। इसके अलावा, इसमें ऑप्टिकल फाइबर केबल्स के लिए एक समर्पित जनोपयोगी कॉरिडोर भी होगा, जो दूरदराज के क्षेत्रों में उच्च गति की संपर्कता प्रदान करके 5जी और 6जी रोलआउट के लिए आधार के रूप में काम करेगा।
राजस्थान में 8 लेन दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण में 394 किमी का कार्य पूरा हो चुका है और 47 किमी का निर्माण कार्य जारी है। इसमें अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी व कोटा जिलों की सीमा है। इसी तरह 6 लेन अमृतसर-जामनगर 637 आर्थिक कॉरिडोर पूर्ण हो गया है। इसमें हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर जोधपुर, बाड़मेर, जालौर जिलों की सीमा है। 4-लेन पनियाला 86 बरोडामियो निर्माणाधीन है जिसमें अलवर, कोटपुतली, बहरोड की सीमा है। 6-लेन आगरा-ग्वालियर का कार्य भी पूर्ण हो गया है जिसमें धौलपुर जिले की सीमा है। 
 


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