उदयपुर। भारतीय लोकतंत्र के स्वर्णिम अध्याय 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पारित होने के गौरवमयी अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने हेतु झीलों की नगरी उदयपुर से महिला प्रतिनिधियों का एक शिष्टमंडल शुक्रवार शाम रेल मार्ग से दिल्ली के लिए रवाना हुआ है। संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पर लगने वाली अंतिम मुहर और इस विधायी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव करने के लिए मेवाड़ की ये महिलाएँ विशेष रूप से आमंत्रित हैं।
इस महत्वपूर्ण दल में जिला परिषद सदस्य सुनीता पिंकी माण्डावत, वरिष्ठ अधिवक्ता रीता पुरी गोस्वामी, खेरवाड़ा सरपंच लक्ष्मी आहारी और जिला प्रवक्ता सीमा चंपावत सम्मिलित हैं। रवानगी के समय उत्साह साझा करते हुए इन प्रतिनिधियों ने कहा कि यह विधेयक देश की नीति-निर्धारण प्रणालियों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने वाला एक युगांतकारी कदम है। उदयपुर की इन प्रबुद्ध महिलाओं का इस संसदीय घटनाक्रम का प्रत्यक्षदर्शी बनना समूचे क्षेत्र के लिए सम्मान का विषय है। कल संसद की दर्शक दीर्घा में बैठकर ये महिलाएँ राष्ट्र के सशक्तिकरण की नई गाथा को मूर्त रूप लेते हुए देखेंगी।