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राजस्थान साहित्य अकादमी ने किया 16.74 लाख रूपए का सहयोग स्वीकृत

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01 May 26
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उदयपुर। राजस्थान साहित्य अकादमी की ओर से विभिन्न सहायता योजनाओं के तहत कुल 16.24 लाख रूपए की सहायता स्वीकृत की गई है।

अकादमी सचिव डाॅ. बंसत सिंह सोलंकी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-2026 में अकादमी द्वारा पांडुलिपि प्रकाशन सहयोग योजनान्तर्गत 112 पाण्डुलिपियों को स्वीकृत किया गया है। इसमें काव्य विधा में 84, कथा/उपन्यास विधा में 21, निंबंध/आलोचना में 2, नाटक-एंकाकी-विविध में 5 कृतियां शामिल हैं। काव्य विधा में बातों ही बातों में (गिरजा शंकर त्रिवेदी, उदयपुर), प्रकृति के प्रतिबिम्ब (डाॅ. प्रहलाद राय, उदयपुर), मौन प्रस्थान (डाॅ. मनीष सक्सेना, उदयपुर), सितारे मीर के रंग के (प्रेरणा सारवान, अजमेर), उम्मीद अभी जिन्दा है (सन्जू शृंगी, कोटा), मन वृन्दावन (डाॅ. राधिका लढा, उदयपुर), सौभद्र (हेमराज सिंह हेम , कोटा), भीष्म फिर मौन क्यों (मृदुल पुरोहित, बांसवाड़ा), सराबोर (डाॅ. मीना बया, उदयपुर), भाव सुमन कृष्णार्पण (वीणा मावर, अजमेर), नव रस गगरी छलकी जाएं (सुश्री लता शर्मा, अजमेर), पे्रमरूप (अनुराग सिहरा, करौली), अलसाया तन-मन (राम गोपाल गौतम, कोटा) एक माँ, एक मैं, एक सफर (नन्दनी शर्मा, उदयपुर), चेतना के गवाक्ष ( डाॅ.सुरेश चतुर्वेदी, सुमनेश, भरतपुर), फिर शाम हो गई (दमन त्रिपाठी, बालोतरा), ये सफ़र कहाँ रखूँ (श्याम लाल निर्मोही चाँगरा, बीकानेर), शुभम्- सौंदर्य (देवीलाल जोशी, डूंगरपुर), रंग बदलते चेहरे (अशीष कुमार मीना, जोधपुर), सत्य के करीब हूँ मैं (अद्विका सांचीहर, नाथद्वारा), किवाड़़ पर दस्तक (चन्द्रवीर गर्ग, ‘आबदार’, बाड़मेर), लहरों से सीखा नौका ने (हरिओम शर्मा हरि, भरतपुर) , बहते बहते दरिया बोला (डाॅ. संजीदा खानम, ‘शाहीन’, जोधपुर), रण ज्वालाएँ (सोनू सुरीला, बारां), अन्तर्मन की गठरी (शैलजा विजयवर्गीय, कोटा), काव्य गंगोत्री (डाॅ. शंकर लाल शर्मा, उदयपुर), संवेदनाओं की खनक (विनोद कुमार उपाध्याय, उदयपुर), शबरी के घर आए राम (नाथूलाल निर्भय, बारां), मन की उम्मीद हार ना माने (किरण सांधव, बूंदी), कोमल कोमल प्यारे फूल (सुरेशचन्द्र निगम, झालावाड़), दिल की गली से (सुनील दीक्षित, उदयपुर), प्रयास (गजेन्द्र सिंह राजपुरोहित,मावली), कामिनी की रागनी (डाॅ. कामिनी व्यास रावल, उदयपुर), चलो चलें उस पार (चतूर सिंह कृष्णा, भरतपुर), सेतु-बंध (रामलाल चैधरी, जयपुर), प्यास पनघट की (हरीशचन्द्र शर्मा हरि, डीग), इस जीत को अनाम रहने दो (मीनाक्षी नागदा, उदयपुर), तुमसे होकर .... (डाॅ. मनीषा शर्मा, नाथद्वारा), आजादी के बाद (ओमप्रकाश साहू, बारां), पे्रम गली अति साँकरी (प्रेम प्रकाश शर्मा, अलवर), रंगीन काँच की खिड़कियाँ (डाॅ. रमेशचन्द्र मीणा, दौसा), नन्हा जोकर (डाॅ. प्रियंका, शर्मा, उदयपुर), तेरे शहर में... (श्रीमती कुन्दन सिंह कंचन, जयपुर), सहज बाल पहेली कोष (अनीता शर्मा, अजमेर), सोचा ना था (पूजा अग्रवाल, जोधपुर), थोड़ी ज़मी - थोड़ा आसमान (डाॅ. प्रीति शर्मा, झालावाड़), कैसे भुला दूँ (अनुराग पे्रमी, दौसा), पानी लिखता रहा आग की कहानी (भविष्य दत्त ‘भविष्य’, उदयपुर), नन्हे मुन्ने चमन के फूल (रामकरण प्रभाती, कोटा), अस्तित्व-स्पन्दन (प्रो निर्मल गर्ग,उदयपुर), मांटी की गंध (श्याम सिंह, भरतपुर), आठ अरब पे्रम-पत्र और अन्य कविताएं (गोपाल नामेन्द्र, कोटा), मयंकोदय (विनीत स्वामी विनोद, चूरू), मेरा प्यारा गांव (सुरेश कुमार गौतम, कोटा), आँगन के फूल (रविकान्त पारीक रवि, जयपुर), रूपोदय (रूपनारायण शर्मा, कोटा), यदि संभव हो (आनंद कुमार पुरोहित , बीकानेर), यादों के सफर में था तू ( डाॅ. छगनराज राव ‘दीप’, जोधपुर), शब्दों की सौरभ (नन्दकिशोर ‘निर्झर’, चित्तौड़गढ़), साथ मेरे रहीं मेरी तन्हाइयाँ (खुर्शीद शेख खुर्शीद, उदयपुर), एक कविता सुनोगे (डाॅ. पीयूष गर्ग, उदयपुर), आओ स्त्री बोलो (यानु चैबीसा, उदयपुर), आशाओं के पंख (सुनील कुमार चाष्टा, सलूम्बर), आवाज नहीं देते आंसू (मनोज कुमार, हनुमानगढ़), खिड़की वाली सीट से देखते हुए (हर्षिल पाटीदार, डूंगरपुर), कुछ मेरी भी..... (डाॅ. सुबोध पालीवाल, उदयपुर), कल्पनाएं बाल मन की (मेघा शर्मा, डूंगरपुर), जीवन का लट्टू (अरूण कुमार सक्सेना, अजमेर), परवाज -ए-सुख़न (नईम खं़ा पठान हारिस, सवाईमाधोपुर), कमल की कस्तूरी (भंवर लाल डांगी, जोधपुर), समय चुप है हमारे भीतर तक (डाॅ. नविन दवे मानावत, जालोर), पत्रांजन(कुसुम भारद्वाज, उदयपुर), परिंदों के डोरे(सुभाष शर्मा, उदयपुर), गंतव्य(तारावती सैनी नरज, जयपुर), काव्य सरिता (डाॅ. नम्रता जैन, उदयपुर), नदी बार-बार मुड़ती है(प्यार चंद साथी, भीलवाड़ा) शब्दों की सरगम (कपिला पालीवाल, बीकानेर) काव्यामर्थ (सीमा लोहिया, झंुझुनूं), मेरे तटबंध (दीक्षा त्यागी, धौलपुर), कायनात (अब्दुल वहीद खिलजी ‘वाहिद’, मकराना),  गुरु थे हिन्द की चादर (शिवराज भारतीय, हनुमानगढ़) अनकी(महेन्द्र सिंह शेखावत, श्रीगंगानगर) खरोंच (शिवमपाल दुस्तावा, डीडवाना) की पाण्डुलिपियों के लिए सहायता स्वीकृत की गई है।

इसी प्रकार कथा/उपन्यास श्रेणी में रेत का झरना (रिडमलदान, बाड़मेर), अन्त्येक्ष (संतोष ताकर, जोधपुर), दादाजी की कहानियां (श्याम बिहारी जोशी, जयपुर) गुल्लक और उसकी रजाई (अंजना मनोज गर्ग, कोटा) दमयन्ती(शिखा मनमोहन शर्मा, जयपुर) अनजाने  फ़रिश्ते(गजेन्द्र भट्ट, उदयपुर) प्लीज हेल्प मी(विजय पड्या, डूंगरपुर) वेलेंटाइन डे गिफ्ट(गोविन्द सिंह राव, जालौर) कुरूक्षेत्र/ दो फूल(सुमेर सिंह राजावत, अजमेर) जिंदगी की धूप छाँव (रीता गुप्ता रश्मि, कोटा) क्षितिज के उस पार: मानवता की कहानियां (डाॅ. अरूण कुमार, बीकानेर) का से कहूँ (श्क्ति पाठक, जयपुर ),ऋणं कृत्वा घंृत पिबेत्(लक्ष्मी सोलंकी, उदयपुर) सचमुच का परी देश(सपना जैन ‘संजू’, उदयपुर) नीली(डाॅ. सीमा बोलिया, भीलवाड़ा) वो काग़ज़ की कश्ती (अशोक मुखर्जी, जयपुर) आओ सुनें कहानी (प्रस्तुति महावर, कोटा) आस का पंछी (श्रीमती आरती चित्तौड़ा, उदयपुर) कितने मन-कितने दरवाजे़(डाॅ. बजरंग सोनी, जयपुर) देहरी पार(मंजु शर्मा जांगिड़, मनी, जोधपुर) मन की धूप (सुमन लता शर्मा, बूंदी) की कृतियां शामिल हैं।  निबन्ध/आलोचना श्रेणी में मैं हूं कोरोना इक्कीसवीं सदी का(कासिम अली कासिम कावेरी, बीकानेर),सिनेमा, सबाल्टर्न और साहित्य(डाॅ. सुनिता अवस्थी, अजमेर), नाटक-एंकाकी-विविध विधा  में जज़्बा (योग्यता इसरानी, टोंक) एकांकी-विविधा (पे्रमांशुराम मेहता ‘पे्रम’, डूंगरपुर), अरे ये तो मैं हंू (अमित शाह, बांसवाड़ा) दो बीसी व्यंग्य (छगन लाल व्यास, बालोतरा) मानवीय आंतरिक महा भारत (शंकर लाल तिवारी, अलाय)                                                                                                                                                                                                                                                                                           के लिए सहायता स्वीकृत की गई है।


इसी प्रकार राजस्थान साहित्यकार आर्थिक सहयोग वर्ष 2025-2026 में कुल 5 साहित्य कारों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। इसमें श्री राजाराम भादू, जयपुर, श्री ब्रह्मानन्द बाबा, बोरी चित्तौड़गढ़, श्रीमती पूर्णिमा मित्रा, बीकानेर, श्री रामस्वरूप किसान, नोहर, श्री गोविन्द जोशी, बीकानेर शामिल हैं। वहीं साहित्यिक पत्र-पत्रिका सहयोग योजना में कुल 9 पत्रिकाओ ंको सहयोग योजना में 1.25 लाख रुपये स्वीकृत किया गया है। इसमें अक्षय लोकजन, अलख दृष्टि (त्रैमासिक), नवसृजन  (छः माही), बाल वाटिका (मासिक),  अरावली उद्घोष (त्रैमासिक), माही संदेश (मासिक), मरू नवकिरण (त्रैमासिक), साहित्यांचल (द्विमासिक), बच्चांे का देश (मासिक) शामिल हैं।

21 पुस्तकों पर सहयोग स्वीकृत
अकादमी की ओर से पुस्तक बेटी की अभिलाषा (मधु माहेश्वरी, सलूम्बर), ख्वाबों की दुनिया (ज्योति वधवा, बीकानेर), धूप और धरती का पे्रम (कुलदीप सिंह भाटी, जोधपुर), मंदोदरी (अवधेश शर्मा, जयपुर), रंगबिरंगी तितली रानी (योगीराज योगी, कोटा), जानिए अक्षर वर्ण (देवकी दर्पण, बंूदी), मेरा उपवन (महेश पंचोली, कोटा), सतसई पे्रम की (पे्रम शास्त्री, कोटा), अंतर्मन की कहानियां (एम.एल.चतुर्वेदी निशंात, अजमेर), ब्रह्मपुत्र से सांगपो (दयाराम वर्मा, जयपुर), गीत मेरे मीत मेरे (सुंभाष चंद्र शर्मा, जयपुर), अर्द्ध विराम (डाॅ. योगेश कुमार पाठक, उदयपुर), भज गोविन्दम (साकार श्रीवास्तव ‘फ़लक’, जयपुर), मोटा शेर मचाए शोर (काली चरण राजपूत, कोटा), रिटायर्ड सुदामा (कमल रंगा, बीकानेर), गीतामृतम् (राघेश्याम शर्मा, कोटा), जीवन साधना (राकेश ‘राजस्थानी, भरतपुर ), बगीचे में हलचल (सत्येन्द्र छिब्बर, जोधपुर), सपने देखती लड़कियां (पवन सिहाग ‘अनाम’, हनुमानगढ़), अस्तोदय (प्रशांत टेहल्यानी, कोटा), वर्तिका (वीणा मावर ‘वर्तिका’, किशनगढ़) के लिए आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
 


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