उदयपुर | जनमत मंच के तत्वावधान में रेड क्रॉस एवं रेड क्रिसेंट दिवस के अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी, हिरण मगरी सेक्टर-5 स्थित कार्यालय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
संस्थापक अध्यक्ष *डॉ. श्रीनिवास* ने अपने उद्बोधन में कहा कि रेड क्रॉस एक अंतरराष्ट्रीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष मानवीय संगठन है, जो युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों में बिना किसी भेदभाव के घायलों और पीड़ितों की सहायता करता है।
*रेड क्रॉस का ऐतिहासिक महत्व*
डॉ. श्रीनिवास ने जानकारी देते हुए कहा कि इसकी स्थापना सोलफेरिनो युद्ध (Battle of Solferino) के भयानक दृश्यों को देखने के बाद 1863 में जीन हेनरी ड्यूनेंट ने अपने जन्मदिन 8 मई को जिनेवा, स्विट्जरलैंड में की थी, जिसका उद्देश्य मानव पीड़ा को कम करना है। रेड क्रॉस को तीन बार *1917, 1944, 1963* में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
सफेद पृष्ठभूमि पर लाल क्रॉस का चिन्ह, जो स्विस ध्वज का उल्टा रूप है, मानवता का प्रतीक है। मुस्लिम देशों में इसे 'रेड क्रेसेंट' (लाल अर्धचंद्र) के नाम से भी जाना जाता है।
*भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी*
भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी (IRCS) की स्थापना 1920 में संसद के XV अधिनियम के तहत हुई थी। यह अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट आंदोलन का हिस्सा है और 700 से अधिक शाखाओं के साथ देश भर में आपदाओं, आपातकालीन स्थितियों में राहत प्रदान करने, स्वास्थ्य सेवाएं देने और कमजोर लोगों की सहायता के लिए काम करती है।
रेड क्रॉस सोसाइटी के कमल प्रकाश बीकानेरिया ने रेड क्रॉस के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रेड क्रॉस द्वारा प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग दी जाती है जो आपदा के समय महत्वपूर्ण योगदान रखती है।
मंच के सचिव शिरीष नाथ माथुर ने रेड क्रॉस सोसाइटी के 7 मूलभूत सिद्धांतों की जानकारी दी, जिनमें *मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता* महत्वपूर्ण हैं।
यह दिवस लोगों को शांति और मानवीय सहायता के प्रति जागरूक करने का दिन है। यह हमें याद दिलाता है कि सबसे कठिन परिस्थितियों में भी मानवता ही सर्वोच्च धर्म है।
इस अवसर पर जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क सेवार्थ सामग्री हेतु कूपन बांटे गए।
कार्यक्रम का संचालन संतोष अरोड़ा ने किया | धन्यवाद मंच के सहायक सचिव विनोद कुमार चौधरी द्वारा दिया गया |