उदयपुर। आरोग्य सेवा संस्थान द्वारा ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ और सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं ग्रामीण समाज को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से दूर कर जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण करना रहा।
कार्यक्रम में संस्थान के प्रोजेक्ट मैनेजर, अनुभवी काउंसलर्स एवं नर्सिंग स्टाफ ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है। विशेषज्ञों ने नशे की लत छोड़ने के वैज्ञानिक उपाय, उपचार प्रक्रिया और पुनर्वास सेवाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन और इच्छाशक्ति से नशे से मुक्ति संभव है।
शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला समूहों और युवा मंडलों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं और जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के समक्ष रखीं, जिनका समाधान सरल और प्रभावी तरीके से किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से नशा न करने तथा अपने गांव और समाज को नशा मुक्त बनाने की शपथ ली। वातावरण “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” जैसे संदेशों से गूंज उठा।
संस्थान के प्रशासनिक प्रमुख ने बताया कि आरोग्य सेवा संस्थान लगातार उदयपुर एवं चित्तौड़गढ़ संभाग में जागरूकता अभियान, परामर्श शिविर एवं पुनर्वास सेवाएं संचालित कर रहा है। संस्थान द्वारा नशे की गिरफ्त में आए लोगों के लिए काउंसलिंग और उपचार की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।
संस्थान ने आमजन से अपील की कि यदि परिवार या आसपास कोई व्यक्ति नशे की समस्या से जूझ रहा हो तो बिना झिझक संस्थान के हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी केंद्र पर संपर्क कर सहायता प्राप्त करें।