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उदयपुरध्बलीचा। पुण्य पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर गुरु कमल चंद्र रोशन गौ सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित 108 गौशालाओं में 56 भोग अर्पण करने की श्रृंखला का दसवां आयोजन पशुपतिनाथ गौशाला, बलीचा में श्रद्धा, सेवा और समर्पण के वातावरण में संपन्न हुआ। गौसेवा और संस्कृति संरक्षण को समर्पित इस आयोजन में महिला शक्ति एवं समाजजनों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।
ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष स्वीटी जैन ने बताया कि 108 गौशालाओं में 56 भोग अर्पण करने का यह अभियान अब अपने दसवें पड़ाव पर पहुंच चुका है, जो गौमाता के प्रति समाज की बढ़ती आस्था, समर्पण और सहयोग का प्रतीक है।
माहेश्वरी उदयपुर जिला महिला संगठन एवं माहेश्वरी महिला गौरव के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस छप्पन भोग महोत्सव में पूर्व अध्यक्ष कौशल्या गट्टानी एवं महिला गौरव अध्यक्ष कविता बल्दवा ने गौमाता का विधिवत पूजन कर वस्त्र अर्पित किए। इसके पश्चात गौशाला में संरक्षित लगभग 300 गौमाताओं को छप्पन भोग अर्पित कर उनके प्रति सेवा और श्रद्धा व्यक्त की गई।
कार्यक्रम में माहेश्वरी महिला गौरव की संरक्षिका कौशल्या गट्टानी, कार्यक्रम संयोजिका कविता बल्दवा, प्रदेश मंत्री मंजू गांधी, जिलाध्यक्ष रेखा असावा, जिला सचिव नीलम पेड़ीवाल, अध्यक्ष सीमा लाहोटी, सचिव रेखा देवपुरा सहित करीब 50 महिला सदस्यों ने भाग लिया। सभी ने गौसेवा, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और लोककल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
आयोजन की विशेष उपलब्धि रही कि महिला मंडल एवं महिला गौरव ने ट्रस्ट की महत्वाकांक्षी सेवा परिकल्पना “गौ मोक्ष धाम” के लिए एक गौ रथ भेंट करने की घोषणा की। नारी शक्ति ने कुछ ही मिनटों में इस प्रस्ताव को सहमति प्रदान कर इसके लिए सहयोग जुटाने का संकल्प लिया, जिसकी सभी ने सराहना की।
कार्यक्रम के ब्रांड एम्बेसडर एवं राजस्थान गौरव सम्मान से सम्मानित डॉ. जिनेंद्र शास्त्री ने कहा कि गौसेवा के माध्यम से उदयपुर एक नई पहचान बना रहा है और इस पुण्य अभियान से जुड़कर वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते हैं। मुख्य अतिथि राजराजेश्वर जैन ने भी गौसेवा और गौ मोक्ष धाम परियोजना के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
महिला संगठनों की पदाधिकारियों ने देशभर में सक्रिय माहेश्वरी महिला संगठनों के माध्यम से इस अभियान को विस्तार देने तथा जहां-जहां गौ रथ पहुंचेगा, वहां छप्पन भोग कार्यक्रमों में सहयोग करने का संकल्प व्यक्त किया। इस दौरान ट्रस्ट संस्थापक संजय जैन से नेपाल में भी गौमाताओं के लिए छप्पन भोग आयोजन करने का आग्रह किया गया, जिसे डॉ. जिनेंद्र शास्त्री ने सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हुए प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
भक्ति, सेवा और संस्कारों से ओतप्रोत इस आयोजन में वीरेंद्र जैन, रेखा मोगरा, हेमंत गर्ग, लता औदिच्य, अनीता वैष्णव, राजू चारण, गोपाल चारण, दिलीप, अमित, तनिष्क, दक्ष जैन, विशाल प्रजापत, नीमा देवपुरा, प्रेमलता देवपुरा, सज्जू असावा, ममता अजमेरा, आभा, उमा काबरा, कला एवं रेणु मुदड़ा सहित अनेक गौभक्त उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी सहयोगियों, महिला शक्ति एवं गौभक्तों का आभार व्यक्त करते हुए गौसेवा, करुणा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया। यह आयोजन समाज में सेवा, संवेदना और संस्कारों की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।