उदयपुर, लालघाट स्थित काकरवा हवेली में मीटर बॉक्स खराब होने के कारण नया मीटर बॉक्स लगाने हेतु विद्युत विभाग में आवेदन किया गया था। विभागीय अधिकारियों द्वारा 23 मई को निरीक्षण कर नए मीटर बॉक्स पर सील लगाकर उसे उपयोग के लिए स्वीकृत कर दिया गया।
इसके बावजूद 11 जून को दोपहर लगभग 3 बजे मीटर बॉक्स में अचानक आवाज आई, जिससे होटल की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। इस घटना में होटल के एसी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, टीवी, विद्युत वायरिंग सहित कई महंगे उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे होटल व्यवसायी को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

सबसे गंभीर बात यह रही कि विभाग द्वारा मीटर बॉक्स खोलने पर उसमें लगी सीटी (CT) जली हुई पाई गई तथा जांच में सामने आया कि सीटी (उल्ट दिशा) गलत लगाई गई थी। जबकि इसी नये मीटर बॉक्स का पूर्व में विभागीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर उसे सही घोषित किया गया था। इससे स्पष्ट होता है कि विभागीय निरीक्षण में गंभीर लापरवाही बरती गई तथा तकनीकी खामियों को नजरअंदाज किया गया।
घटना के बाद भी विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रही। नई सीटी की व्यवस्था कर उसे टेस्टिंग के लिए भेजा गया, लेकिन आवश्यक स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के कारण मरम्मत कार्य में अनावश्यक विलंब हुआ। अंततः अधीक्षण अभियंता (SE) के हस्तक्षेप के बाद 12 जून की देर रात विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी।
लगभग डेढ़ दिन तक बिजली बाधित रहने से होटल संचालन पूरी तरह प्रभावित रहा। कई पर्यटकों को असुविधा का सामना करना पड़ा और वे होटल छोड़कर अन्य स्थानों पर चले गए। इससे होटल व्यवसाई को भारी नुकसान पहुंचा तथा पर्यटन नगरी उदयपुर की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
होटल प्रबंधन का आरोप है कि यदि विभाग द्वारा नये मीटर बॉक्स का प्रारंभिक निरीक्षण सही ढंग से किया जाता और तकनीकी त्रुटियों को समय रहते सुधारा जाता, तो यह दुर्घटना एवं भारी आर्थिक नुकसान टाला जा सकता था।
होटल प्रबंधन ने यह भी आरोप लगाया है कि स्वीकृति एवं जानकारी के बिना नया डिजिटल मीटर स्थापित कर दिया गया, जो उपभोक्ता अधिकारों की अवहेलना का मामला है।
इसलिए इस पूरे प्रकरण के लिए विद्युत विभाग की लापरवाही प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार है।
होटल प्रबंधन ने विभाग से हुए आर्थिक नुकसान का उचित मुआवजा देने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है।