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अच्छे लोगों की संगत से ही संभव है नशामुक्त जीवन: अमयआत्मा कृष्णदास

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27 Jun 26
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अच्छे लोगों की संगत से ही संभव है नशामुक्त जीवन: अमयआत्मा कृष्णदास

अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर प्रेरक संगोष्ठी आयोजित
उदयपुर।
अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के उपलक्ष्य में प्रयाग सेवा संस्थान नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, ढीकली द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत शनिवार को एक प्रेरक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरे कृष्ण मूवमेंट के वरिष्ठ प्रतिनिधि अमयआत्मा कृष्णदास रहे। उन्होंने नशा मुक्ति के आध्यात्मिक, सामाजिक एवं नैतिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उपस्थित लोगों को जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संदेश दिया।
अपने उद्बोधन में अमयआत्मा कृष्णदास ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का भविष्य उसकी संगत से तय होता है। यदि व्यक्ति अच्छे, संस्कारी और सकारात्मक सोच रखने वाले लोगों के साथ रहता है तो उसका जीवन स्वतः ही सही दिशा में आगे बढ़ने लगता है। वहीं गलत संगति व्यक्ति को धीरे-धीरे नशे, अपराध और निराशा की ओर धकेल देती है। इसलिए यदि कोई व्यक्ति वास्तव में नशे से मुक्त होना चाहता है तो उसे सबसे पहले उन लोगों से दूरी बनानी होगी जो स्वयं नशे के आदी हैं या दूसरों को भी इस बुराई की ओर प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि मन, बुद्धि, परिवार और पूरे समाज को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति से उसकी सोचने-समझने की क्षमता, आत्मविश्वास, आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक सुख-शांति छीन लेती है। अनेक प्रतिभाशाली युवा केवल गलत संगति और क्षणिक आकर्षण के कारण अपने उज्ज्वल भविष्य को अंधकार में धकेल देते हैं। इसलिए युवाओं को अपने जीवन का लक्ष्य स्पष्ट रखते हुए ऐसे वातावरण का चयन करना चाहिए जो उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दे।
उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जीवन, नियमित प्रार्थना, सत्संग, योग, ध्यान और सेवा कार्य व्यक्ति के मन को मजबूत बनाते हैं तथा नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहने की शक्ति प्रदान करते हैं। जब मन सकारात्मक विचारों और अच्छे संस्कारों से भर जाता है, तब नशे के लिए उसमें कोई स्थान नहीं बचता। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने मित्रों, परिवार और समाज के साथ मिलकर नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लें तथा स्वयं भी नशे से दूर रहें और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम में संस्थान के संस्थापक रुद्र प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर संस्थान द्वारा लगातार विभिन्न जागरूकता गतिविधियों, संगोष्ठियों, परामर्श सत्रों एवं जनजागरूकता अभियानों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि समाज विशेषकर युवा वर्ग को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जा सके और उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक एवं नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा सके।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नशे से स्वयं दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।


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