सांसद डॉ रावत के प्रश्न पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने दी जानकारी
उदयपुर। देश में जून 2026 की स्थिति के अनुसार एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) प्लेटफॉर्म पर 55.49 करोड़ उपयोगकर्ता शामिल हैं। पिछले पांच सालों में यूपीआई लेनदेन में लगातार बढोतरी हो रही है और वित्तीय वर्ष 2025-2026 में करीब 314 लाख करोड के 24 करोड लेनदेन किए गए। यूपीआई लेनदेन को सुरक्षित करने केंद्र सरकार कई उपाय कर रही है इसके लिए कुछ सख्त नियम भी बनाए गए हैं।
लोकसभा में सोमवार को सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत की ओर से पूछे गए अतारांकित प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह जानकारी दी।
सांसद डॉ रावत ने भारत में यूपीआई की सांविधिक स्थिति, यूपीआई उपयोगकर्ताओं और यूपीआई लेन-देन की वर्तमान संख्या, भारत के अलावा अन्य देशों में भी यूपीआई के उपयोग तथा यूपीआई आधारित डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार के प्रयास को लेकर जानकारी मांगी थी।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में जानकारी दी कि एकीकृत भुगतान इंटरफेंस (यूपीआई) भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा संचालित एक भुगतान प्रणाली है, जिसे भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के अंतर्गत अधिकृत किया गया। जून 2026 की स्थिति के अनुसार यूपीआई प्लेटफॉर्म पर 55.49 करोड़ उपयोगकर्ता शामिल थे, जिन्होंने करीब 314 लाख करोड का लेनदेन किया।
यूपीआई को व्यक्ति-से-व्यक्ति (पीपी) धन-प्रेषण और व्यक्ति-से-व्यापारी (पीएम) लेनदेन की सुविधा के लिए विभिन्न देशों की भुगतान प्रणालियों से जोड़ा गया है। इनमें भुटान, सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, मॉरिसस, श्रीलंका, नेपाल, कतर, ग्रीस तथा कंबोडिया देश शामिल हैं। भारतीय पर्यटकों और भारतीय प्रवासियों को सीमा पार निर्बाध भुगतान करने में सहायता के लिए तथा साझेदार देशों और संस्थाओं को यूपीआई-जैसी रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली या रुपे जैसी घरेलू कार्ड योजनाओं की भुगतान व्यवस्था के लिए एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) को अप्रैल 2020 में विदेशी संस्थाओं के साथ साझेदारी करने के उद्देश्य से निगमित किया गया।
यूपीआई आधारित लेनदेन को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए, सरकार, आरबीआई और एनपीसीआई द्वारा समय-समय पर विभिन्न पहल की गई हैं।