उदयपुर। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप समस्त आबकारी अधिकारीगण विभागीय लक्ष्य की पूर्ति के लिए आपसी समन्वय एवं कार्ययोजना बनाकर कार्य करें जिससे निर्धारित समयावधि में वांछित लक्ष्य की प्राप्ति की जा सके। उन्होंने कहा कि राजस्व अर्जन विभाग की प्राथमिकता है अतः राजस्व लक्ष्यों के प्रति सजग रहते हुए सर्कलवार एवं दुकानवार नियमित समीक्षा करें जिससे राजस्व अर्जन, राजस्व बाकियात, निरोधात्मक गतिविधियां सहित समस्त लक्ष्यों को सुगमता से प्राप्त किया जा सकता है। आबकारी आयुक्त जिला परिषद उदयपुर के सभागार में आबकारी अधिकारियों की राज्य स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
आबकारी आयुक्त ने कहा कि राजस्व लक्ष्य अर्जन में कई जिलों में अपेक्षित प्रगति नही है राजस्व की वांछित वृद्धि नही है अतः मदिरा उठाव, नियमित रिव्यू एवं टीमवर्क से कार्य किया जाना चाहिए। इस संबंध में कोताही बरतने पर संबंधित जिलों के अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। बैठक में राजस्व अर्जन एवं बाकियात वसूली में पिछडे़ जिलों को माईक्रो लेवल माॅनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए समस्त अतिरिक्त आयुक्त जोन को सर्कलवार एवं जिला आबकारी अधिकारियों को दुकानवार राजस्व संबंधी समीक्षा के लिए निर्देशित किया गया।
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने प्रदेश में निरोधात्मक कार्रवाई के प्रति उदासीन जिलों को अपेक्षा के अनुरूप अवैध मदिरा पर कार्रवाई के निर्देश देते हुए गिरफ्तारी एवं जब्ती की कार्रवाई में वृद्धि की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि निरोधात्मक कार्रवाई में वृद्धि कर प्रदेश में अन्य राज्य की अवैध मदिरा की तस्करी की पुख्ता रोकथाम संभव है जिससे राजस्व लीकेज में कमी आएगी। बैठक में अधिकारियों को होटल्स, रिसोर्ट, लग्जरी विला में नियमित जांच करने एवं अवैध शराब के संबंध में जागरूक करने को कहा गया साथ जहां अवैध मदिरा की शिकायत है वहां प्रभावी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। समीक्षा बैठक में मदिरा उठाव को 120 प्रतिशत करने के निर्देश दिए। आबकारी आयुक्त ने बाकियाता वसूली में तेजी लाने की आवष्यकता बताई। इस संबंध में कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलों को संवेदनशील होकर कार्य करते हुए नियमानुसार बकायादारों की सम्पत्ति अटैच एवं कुर्की की कार्रवाई के लिए भी निर्देशित किया गया।
बैठक में मुखबिर योजना के तहत लंबित प्रकरणों का षीघ्र निस्तारण, 12 माह से अधिक अवधि के पेंडिग चालान एवं केसेज का निस्तारण, जब्त वाहनों की नीलामी आगामी 15 अगस्त तक करने, पेंडिंग कन्टेम्ट केसेज, राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का समयाविधि में निस्तारण के लिए भी निर्देशित किया गया। अन्त में विभाग में ई-ग्रास के स्थान पर आरएमएस अथवा रेवेन्यू मेनेजमेन्ट सिस्टम लागू करने संबंधी जानकारी भी दी गई। इस मौके पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त नीति प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिलों में कार्य की प्रगति संबंधी विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर वित्तिय सलाहकार सुनिता विजय, प्रदेश के समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, उपायुक्त आबकारी निरोधक दल, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी सामान्य, सहायक आबकारी अधिकारी निरोधक दल उपस्थित रहे।