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ऋषभदेव और इडाणा माताजी मंदिर को प्रसाद योजना में शामिल करने का आग्रह

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10 Aug 26
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ऋषभदेव और इडाणा माताजी मंदिर को प्रसाद योजना में शामिल करने का आग्रह

सांसद डॉ रावत ने केंद्रीय मंत्री शेखावत से मिलकर ऋषभदेव और इडाणा माताजी मंदिर को प्रसाद योजना में शामिल करने का आग्रह किया उदयपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलकर केसरिया में स्थित ऋषभदेव मंदिर और इडाणा माताजी मंदिर को प्रसाद योजना में सम्मिलित करने का आग्रह किया।

सांसद डॉ रावत ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि उदयपुर जिले में स्थित ऋषभदेव मंदिर (केसरियाजी) एक ऐतिहासिक, प्राचीन एवं अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है।

यह मंदिर भगवान ऋषभदेव (प्रथम जैन तीर्थंकर) को समर्पित है, जहां जैन एवं हिन्दू समुदायों के श्रद्धालु समान श्रद्धा एवं आस्था के साथ दर्शन करते हैं।

यहां पर भगवान विष्णु (चारभुजा जी), भगवान शिव (सोमनाथ) तथा मरूदेवी माता के मंदिर भी स्थित हैं, जो इसके समावेशी एवं सांस्कृतिक स्वरूप को सुदृढ़ करते हैं।

मंदिर में लगभग 800 वर्ष पुराना ऐतिहासिक रथ भी विद्यमान है, जो प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले रथोत्सव का प्रमुख आकर्षण है।

ऋषभदेव तीर्थ में प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक दर्शन के लिए आते हैं, परंतु वर्तमान में आधारभूत सुविधाओं, यात्री सुविधा, सौंदर्यीकरण तथा संरचनात्मक संरक्षण की दृष्टि से समुचित विकास की आवश्यकता है।

सांसद डॉ रावत ने इस ऐतिहासिक, प्राचीन एवं पवित्र तीर्थ स्थल के समग्र विकास के लिए केन्द्र सरकार की प्रसाद योजना के अन्तर्गत इसे टेंपल टाउन के रूप में विकसित किये जाने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।

सांसद डॉ रावत ने पर्यटक सुविधा केंद्र, यात्रियों के लिए सूचना केंद्र, पूछताछ काउंटर और प्रतीक्षा कक्ष, परिसर सौंदर्यीकरण, मंदिर के आसपास के क्षेत्र में लैंडस्केपिंग और पाथवे का विकास, क्षेत्र के स्थानीय हस्तशिल्प और कला के लिए केंद्र निर्माण, संगमरमर की कलाकृतियां, ब्लॉक प्रिंटिंग, बंधेज और अन्य पारंपरिक वस्त्र, लकड़ी की नक्काशी और अन्य कलाकृ‌तियों, लघु चित्रकला और अन्य पारंपरिक राजस्थानी कलाकृतियों के लाइव डिमोन्स्ट्रेशन और प्रदर्शनी का केंद्र बनाने, साउंड एंड लाइट शो के आधुनिक माध्यम से भगवान ऋषभदेव के जीवन, आदर्शों, सिद्धांतों और कहानियों की प्रस्तुति, परिवहन के साधन बढाने, मंदिरों के आसपास के शांत प्राकृतिक स्थल में पर्यटकों के लिए ध्यान केंद्र की स्थापना, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा भीड़ प्रबंधन के लिए कतार प्रबंधन प्रणाली व पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के सुझाव दिए हैं।

इसके साथ ही डॉ रावत ने केंद्रीय मंत्री को श्री ईडाणा माता मन्दिर परिसर एवं इसके आसपास श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यात्री सुविधाओं, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, आवागमन, प्रतीक्षालय, धर्मशाला, सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, सूचना केन्द्र, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाओं तथा अन्य आधारभूत पर्यटन अवसंरचना के विकास की आवश्यकता को पूरा करवाने का आग्रह किया।

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